फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Cluster Bomb: क्या है क्लस्टर बम? अमेरिका ने यूक्रेन को देने का किया एलान, खौफ में राष्ट्रपति पुतिन

Mon, 17 Jul 2023 02:10 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 7
what is cluster bomb - फोटो : Twitter@ESSA_A1I
Cluster Bomb: रूस और यूक्रेन में महीनों से युद्ध जारी है। इस बीच अमेरिका ने यूक्रेन को क्लस्टर बम देने का एलान किया है। इससे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन खौफ में आ गए हैं। उन्होंने यूक्रेन को क्लस्टर बम देने की अमेरिका की आलोचना की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूक्रेन इस तरह का कोई काम न करें। रूस के पास भी क्लस्टर बम का पर्याप्त भंडार है। 

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि अमेरिका के हथियारों के भंडार खत्म हो चुके हैं। इसलिए वे प्रतिबंधित हथियारों की सप्लाई कर रहे हैं। दरअसल सात जुलाई को बाइडन प्रशासन की तरफ से यूक्रेन के लिए एक सैन्य सहायता पैकेज की घोषणा की गई थी, जिसमें प्रतिबंधित क्लस्टर बम भी शामिल थे। दुनिया के 123 देशों ने इस खतरनाक बम पर प्रतिबंध लगाया हुआ  है, लेकिन अमेरिका, यूक्रेन और रूस इनमें शामिल नहीं हैं। अमेरिका ने रूस पर यूक्रेन में क्लस्टर बम के इस्तेमाल का आरोप लगाया था, लेकिन क्रेमलिन की तरफ से इन आरोपों को खारिज कर दिया गया था। आइए जानते हैं कि आखिर क्लस्टर बम क्या है? 

 
विज्ञापन

2 of 7
what is cluster bomb - फोटो : Twitter@Manik_M_Jolly
क्या है क्लस्टर बम 

क्लस्टर बम एक खतरनाक हथियार है। इसके अंदर छोटे-छोटे बम रखे जाते हैं। इस खतरनाक बम का इस्तेमाल किसी बड़े इलाके में एक साथ हमला करने के लिए किया जाता है। इस तबाही लाने वाले बम को रॉकेट लॉन्चर तोप, मिसाइल या बमवर्षक विमान से दागा जा सकता है। एक ऊंचाई पर पहुंचने के बाद क्लस्टर बम के ऊपर का खोल फट जाता है। इसके बाद अंदर के छोटे-छोटे बम टारगेट किए गए इलाके में बिखर जाते हैं। सबसे खास बात यह है कि इनमे टाइमर लगा होता है, जिससे वो टारगेट के पास पहुंचकर फटें। ताकतवर क्लस्टर बम टैंकों तक को तबहा कर सकते हैं। 

 
 
विज्ञापन

3 of 7
what is cluster bomb - फोटो : iStock
द्वितीय विश्वयुद्ध में सबसे पहले हुआ इस्तेमाल

तबाही मचाने वाले क्लस्टर बमों का सबसे पहले द्वितीय विश्वयुद्ध के समय साल 1943 में इस्तेमाल किया गया था। तत्कालीन सोवियत संघ और जर्मनी की सेनाओं ने इस बम का इस्तेमाल किया था। क्लस्टर बम का इस्तेमाल ज्यादातर इंफेंट्री यूनिट या दुश्मन देश की सेना के जमावड़े को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाता है। 
 

4 of 7
what is cluster bomb - फोटो : iStock
नहीं फटते हैं 10 से 40 फीसदी बम

क्लस्टर बम से निकला हर छोटा बम नहीं फटता है। छोटे बम गिरने के बाद मिट्टी में सालों तक दबे रहते हैं। जब यह इंसानों के संपर्क में आते हैं, तो फट जाते हैं जिससे लोगों की मौत हो जाती है। इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेडक्रॉस के मुताबिक, क्लस्टर बम के 10 से 40 प्रतिशत छोटे बम नहीं फटते हैं।

Carolina Reaper: दुनिया की सबसे तीखी मिर्च खाकर शख्स ने बनाया रिकॉर्ड, वीडियो देखकर आंखों में आ जाएगा पानी
विज्ञापन

5 of 7
what is cluster bomb - फोटो : iStock
34 देशों के पास है हथियार

एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में 34 देशों के पास 200 अलग-अलग प्रकार के क्लस्टर हथियार हैं। क्लस्टर बम के अंदर मौजूद छोटे-छोटे बमों का वजन 20 किलोग्राम होता है। यह बम अलग-अलग वजन के होते हैं। बम का जितना वजन होता है, वह उतना ही ताकतवर होता है। इन बमों से आम लोगों को अधिक नुकसान होता है, जिसकी वजह से 100 से ज्यादा देशों ने इस पर प्रतिबंध लगा रखा है। भारत उन 34 देशों में शामिल है, जिनके पास क्लस्टर हथियार बनाने की क्षमता है। भारत के पास M395 क्लस्टर हथियार मौजूद है।

Haircut in Space: स्पेस में कैसे काटे जाते हैं बाल? अंतरिक्ष यात्री ने वीडियो शेयर कर बताया
विज्ञापन

6 of 7
what is cluster bomb - फोटो : iStock
क्लस्टर बम इन देशों में मचा चुका है तबाही

वियतनाम, लाओस, इराक, कंबोडिया, सीरिया, अफगानिस्तान सहित कई देशों में क्लस्टर बम ने तबाही मचाई है। फिलीस्तीन भी इस्राइल पर इन बमों के इस्तेमाल का कई बार आरोप लगा चुका है। वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी में विरोध प्रदर्शन करने वाले लोग बार-बार यह आरोप लगाते हैं। हालांकि इस्राइल ने हमेशा इन आरोपों को खारिज किया है। 

Internet: सिर्फ दो साल में खत्म हो जाएगा इंटरनेट? जानिए क्या है इसकी वजह और दुनियाभर में क्यों छिड़ी बहस
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
what is cluster bomb - फोटो : iStock
अमेरिका ने खाड़ी युद्ध के दौरान इस बम का जमकर इस्तेमाल किया था। अमेरिका ने अफगानिस्तान युद्ध के दौरान पहाड़ियों में छिपे तालिबानी लड़ाकों को मारने के लिए अपने लड़ाकू विमानों से जमकर क्लस्टर बम बरसाए थे। इसकी वजह से बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें