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Weird News: परिजनों के अंतिम संस्कार के राख को सूप बनाकर पीते हैं यहां के लोग, जानिए क्या है अजीबोगरीब परंपरा

Mon, 06 Feb 2023 10:20 AM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
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परिजनों के अंतिम संस्कार के राख को सूप बनाकर पीते हैं यहां के लोग - फोटो : iStock
Weird Traditions in World: दुनिया में कई परंपराओं का पालन करने वाले लोग रहते हैं। कई देशों में लोग ऐसे रीति रिवाजों का पालन करते हैं जिसके बारे में जानकर हैरान हो जाएंगे। दुनिया के अलग-अलग देशों में इंसान के अंतिम संस्कार की परंपरा भी अलग-अलग है। दक्षिण अमेरिका में एक जनजाति रहती है जो अंतिम संस्कार के समय एक अजीबगरीब परंपरा का पालन करती है। यह परंपरा इतनी अजीब है कि जानकर आपको यकीन नहीं होगा। 

दक्षिण अमेरिका में रहने यानोमानी (Yanomami) जनजाति के लोग अंतिम संस्कार से जुड़ी इस अजीबोगरीब परंपरा का पालन करते हैं। इस परंपरा में मृतक को जलाने के बाद बची राख को सूप बनाकर पीते हैं। जानकर आपको यकीन नहीं हो रहा होगा, लेकिन यह पूरी तरह से सच है। इस जनजाति के लिए ऐसा करना आम बात है। आइए जानते हैं कि यानोमानी जनजाति के लोग आखिर इस अजीबोगरीब परंपरा का पालन क्यों करते हैं? इस परंपरा से जुड़े क्या नियम हैं? 
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परिजनों के अंतिम संस्कार के राख को सूप बनाकर पीते हैं यहां के लोग - फोटो : iStock
यानोमानी जनजाति दक्षिण अमेरिका में पाई जाती है। दुनिया में इस जनजाति को यानम या सेनेमा के नाम से भी जाना जाता है। दक्षिण अमेरिका के अलावा यह जनजाति वेनेजुएला और ब्राजील के कुछ इलाकों में भी मिलती है। इस आदिवासी जनजाति की सभ्यता पश्चिमी सभ्यता से बिल्कुल अलग है। यानोमानी जनजाति के लोग अपनी संस्कृति और परंपराओं का पालन करते हैं। 
 
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परिजनों के अंतिम संस्कार के राख को सूप बनाकर पीते हैं यहां के लोग - फोटो : iStock
दक्षिण अमेरिका में पाई जाने वाली इस जनजाति में अंतिम संस्कार करने की परंपरा बेहद अजीबोगरीब है। इस परंपरा को एंडोकैनिबेलिज्म कहा जाता है जिसका पालन करने के लिए जनजाति के लोग परिजन के मृतक शख्स का मांस खाते हैं। 
 

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परिजनों के अंतिम संस्कार के राख को सूप बनाकर पीते हैं यहां के लोग - फोटो : iStock
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यानोमानी जनजाति में किसी शख्स की मौत हो जाती है, तो उसके शव को पत्तों और दूसरी चीजों से ढक कर रख दिया जाता है। 30 से 40 दिन बीत जाने के बाद वे शव को वापस लाते हैं और बचे शरीर को जला देते हैं। इसके बाद बची राख का सूप बनाकर पी जाते हैं। इस परंपरा का पालन जनजाति के लोग अपनी परंपराओं की वजह से करते हैं। 

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परिजनों के अंतिम संस्कार के राख को सूप बनाकर पीते हैं यहां के लोग - फोटो : iStock
जानिए इस परंपरा का क्यों किया जाता है पालन

यानोमामी जनजाति के लोगों का मानना है कि किसी शख्स की मौत के बाद उसकी आत्मा की रक्षा करनी चाहिए। इस जनजाति में लोग मानते हैं कि किसी की आत्मा को तभी शांति मिलती है, जब उसके शरीर को रिश्तेदारों ने खाया हो। इसीलिए इस जनजाति के लोग अंतिम संस्कार के बाद राख को भी किसी ना किसी तरीके खा जाते हैं। उनका मानना है कि ऐसा करने से शख्स को शांति मिलती है। 

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परिजनों के अंतिम संस्कार के राख को सूप बनाकर पीते हैं यहां के लोग - फोटो : iStock
एक दूसरी रिपोर्ट के मुताबिक, जनजाति में अगर किसी शख्स की हत्या किसी दुश्मन या रिश्तेदार द्वारा कर दिया जाता है, तो उनका अंतिम संस्कार भी अलग तरह से किया जाता है। ऐसी स्थिति में सिर्फ महिलाएं ही राख को खाती हैं। 
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