फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अजब-गजब: अंतिम संस्कार के बाद राख का सूप बनाकर पी जाते हैं इस जनजाति के लोग, आखिर क्या है इस परंपरा के पीछे की वजह

Sun, 16 Jan 2022 05:00 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
अजीबोगरीब अंतिम संस्कार की परंपरा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
दुनिया के अलग-अलग देशों में लोग अलग-अलग परंपराओं का पालन करते हैं। कई देशों में अजीबोगरीब परंपराएं हैं जिनके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। दुनिया में इंसान का अंतिम संस्कार भी अलग-अलग तरीकों से किया जाता है। अगर आप उसके बारे में जानेंगे, तो कहेंगे लोग ऐसा कैसे कर सकते हैं। दक्षिण अमेरिका में एक जनजाति है जो इंसान के अंतिम संस्कार के बाद राख का सूप बनाकर पी जाती है। इस जनजाति का नाम यानोमानी (Yanomami)  है। 

यह जानकर आपको जरूर हैरानी हो रही होगी, लेकिन इस जनजाति के लोगों के लिए यह आम बात है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि इस जनजाति के लोग, अपने परिवार के मृतक लोगों का मांस भी खा जाते हैं। आइए जानते हैं आखिर इस जनजाति के लोग ऐसी परंपराओं का पालन क्यों करते हैं। इस जनजाति से जुड़ी परंपरा और इससे जुड़े क्या क्या नियम हैं जिसका ये लोग पालन करते हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
जीबोगरीब अंतिम संस्कार की परंपरा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock


दक्षिण अमेरिका में यानोमानी जनजाति रहती है। दुनिया में लोग इस जनजाति को यानम या सेनेमा के नाम से भी जानते हैं। दक्षिण अमेरिका के अलावा यह जनजाति वेनेजुएला और ब्राजील के कुछ इलाकों में भी पाई जाती है। इस आदिवासी जनजाति की सभ्यता पश्चिमी सभ्यता से बिल्कुल अलग है। इस जनजाति के लोग अपनी संस्कृति और परंपराओं का पालन करते हैं। 
विज्ञापन

3 of 5
अजीबोगरीब अंतिम संस्कार की परंपरा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
जानिए कैसे किया जाता है अंतिम संस्कार 

इस जनजाति में अंतिम संस्कार करने की अजीबोगरीब परपंरा है। इस परंपरा को एंडोकैनिबेलिज्म कहा जाता है। इस परंपरा का पालन करने के लिए इस जनजाति के लोग अपने परिवार के मृतक शख्स का मांस खाते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस जनजाति में किसी शख्स की मौत हो जाती है, तो उसके शव को पत्तों और दूसरी चीजों से ढक कर रख दिया जाता है। इसके बाद जो शरीर बच जाता है उसे जला दिया जाता है। इसके बाद बची राख का सूप बनाकर जनजाति के लोग पीते हैं। ऐसा वह अपनी परंपराओं की वजह से करते हैं। 

4 of 5
अजीबोगरीब अंतिम संस्कार की परंपरा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
यानोमामी जनजाति के लोग शव के साथ ऐसा इसलिए करते हैं, क्योंकि माना जाता है कि किसी की मौत के बाद उसकी आत्मा की रक्षा करनी चाहिए। इस जनजाति में परंपरा है कि किसी की आत्मा को शांति तभी मिलती है, जब उसके शरीर को रिश्तेदारों ने खाया है। इसीलिए इस जनजाति के लोग अंतिम संस्कार के बाद राख को भी किसी ना किसी तरीके खाते हैं। वह मानते हैं कि ऐसा करने से मरे हुए शख्स को शांति मिलती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
अजीबोगरीब अंतिम संस्कार की परंपरा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर किसी शख्स की हत्या किसी दुश्मन या रिश्तेदार कर देता है, तो उनका अंतिम संस्कार अलग तरीके से किया जाता है। इस स्थिति में सिर्फ महिलाएं ही राख को खाती हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें