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महिला नहीं अजूबा है! सुबह होते ही ढूंढने लगती है तालाब, बड़ा गहरा है रहस्य

Sun, 16 Dec 2018 12:43 PM IST
गौरव शुक्ला फीचर डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : social media
वैसे तो आपने अजीबो-गरीब कई खबरें सुनी होंगी। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी खबर के बारे में बाताने जा रहे है, जिसे सुनकर आपको हैरानी होगी। ये खबर विदेश की नहीं बल्कि अपने ही देश की है। हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे हैं जो सुबह होते ही तालाब ढूंढने लगती है। आप भी जानिए आखिर इस महिला को पानी से इतना प्यार क्यों है।
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दरअसल, पश्चिम बंगाल के कटवा जिले के गोवई गांव में रहने वाली पटुरानी (काल्पनिक नाम) नाम की महिला की उम्र करीब 60 साल है। इह महिला के घरवालों का कहना है कि पिछले बीस साल से पटुरानी रोज सुबह उठते ही तालाब या पानी वाली जगह खोजने के लिए निकल जाती है। रोजाना 12 से 14 घंटे पानी में रहती है। रोज सुबह सूरज उगने से पहले तालाब में उतर जाती है और शाम को सूरज के अस्त होते ही वापस घर में लौट आती है। 
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आपको बता दें कि यह महिला गले तक खुद को पानी में डुबा लेती है और सारा दिन वहीं गुजार देती है। तालाब में ही रहकर वह लोगों से बातें भी करती हैं और वहीं खाना भी खा लेती है। तालाब से वह तभी निकलती है जब उसे घर जाना होता है। वैसे आपको ये जानकर अजीब लग रहा होगा लेकिन यह खबर सच है। 

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बताया जाता है कि पटुरानी को एक अजीब बीमारी 20 साल पहले हो गई थी। जिसकी वजह से उनकी त्वचा पर काफी जलन होती है। इस जलन से बचने के लिए ही पटुरानी रोज सुबह तालाब में जाकर बैठ जाती हैं।
 
 
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हालांकि पटुरानी की बेटी का भी कहना है कि 20 साल पहले उनकी तबीयत खराब होने के कारण धूप में आते ही उनकी त्वचा जलने लगती थी और बहुत गर्मी लगने लगती थी और पानी में जाते ही राहत मिल जाती थी। इसी के चलते उन्होंने अपनी जिंदगी गुजारने का ये रास्ता खोज लिया और रोज तालाब में जाने लगीं। पटुरानी साल 1998 में ऐसा कर रही हैं। अब तो लोग ऐसा समझने लगे हैं कि तालाब में ही इस महिला की आत्मा बस गई है क्योंकि वो पूरा दिन तो उसी तालाब में बिताती हैं।  
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