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जानिए क्या है IPC में धाराओं का मतलब और कानून की ऐसी हकीकतें जिनसे वाकिफ न होंगे आप

Tue, 29 May 2018 08:19 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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ipc
हमारेे देश में कानून से जुड़ी कुछ ऐसी हकीकतें है, जिसकी जानकारी हमारे पास नहीं होने के कारण हम अपने अधिकार से मेहरूम रह जाते है। जैसे शाम के वक्त महिलाओं की गिरफ्तारी नहीं की जा सकती। कम ही लोग इस बात की जानकारी रखते होंगे। तो चलिए ऐसे ही पांच रोचक फैक्ट्स की जानकारी आपको देते है, जो जीवन में कभी भी आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
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ladies arrest
(1)  शाम के वक्त महिलाओं की गिरफ्तारी नहीं हो सकती-

कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर, सेक्शन 46 के तहत शाम 6 बजे के बाद और सुबह 6 के पहले भारतीय पुलिस किसी भी महिला को गिरफ्तार नहीं कर सकती, फिर चाहे गुनाह कितना भी संगीन क्यों न हो। अगर पुलिस ऐसा करते हुए पाई जाती है तो गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत (मामला) दर्ज की जा सकती है। इससे उस पुलिस अधिकारी की नौकरी खतरे में आ सकती है।
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cylinder
(2) सिलेंडर फटने से जान-माल के नुकसान पर 40 लाख रुपये तक का बीमा कवर क्लेम कर सकते है-

पब्लिक लायबिलिटी पॉलिसी के तहत अगर किसी कारण आपके घर में सिलेंडर फट जाता है और आपको जान-माल का नुकसान झेलना पड़ता है तो आप तुरंत गैस कंपनी से बीमा कवर क्लेम कर सकते है। आपको बता दे कि गैस कंपनी से 40 लाख रुपये तक का बीमा क्लेम कराया जा सकता है। अगर कंपनी आपका क्लेम देने से मना करती है या टालती है तो इसकी शिकायत की जा सकती है। दोषी पाये जाने पर गैस कंपनी का लायसेंस रद्द हो सकता है।

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water
(3) कोई भी हॉटेल चाहे वो 5 स्टार ही क्यों ना हो… आप फ्री में पानी पी सकते है और वाश रूम इस्तमाल कर सकते है-

इंडियन सीरीज एक्ट, 1887 के अनुसार आप देश के किसी भी हॉटेल में जाकर पानी मांगकर पी सकते है और उस हॉटल का वाश रूम भी इस्तमाल कर सकते है। हॉटेल छोटा हो या 5 स्टार, वो आपको रोक नही सकते। अगर हॉटेल का मालिक या कोई कर्मचारी आपको पानी पिलाने से या वाश रूम इस्तमाल करने से रोकता है तो आप उन पर कारवाई कर सकते है। आपकी शिकायत से उस हॉटेल का लायसेंस रद्द हो सकता है।
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sdf
(4) गर्भवती महिलाओं को नौकरी से नहीं निकाला जा सकता-

मैटरनिटी बेनिफिट एक्ट 1961 के मुताबिक गर्भवती महिलाओं को अचानक नौकरी से नहीं निकाला जा सकता। मालिक को पहले तीन महीने की नोटिस देनी होगी और प्रेगनेंसी के दौरान लगने वाले खर्चे का कुछ हिस्सा देना होगा। अगर वो ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ सरकारी रोजगार संघटना में शिकायत कराई जा सकती है। इस शिकायत से कंपनी बंद हो सकती है या कंपनी को जुर्माना भरना पड़ सकता है।
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एफआईआर
(5) पुलिस अफसर आपकी शिकायत लिखने से मना नहीं कर सकता

आईपीसी के सेक्शन 166ए के अनुसार कोई भी पुलिस अधिकारी आपकी कोई भी शिकायत दर्ज करने से इंकार नहीं कर सकता। अगर वो ऐसा करता है तो उसके खिलाफ वरिष्ठ पुलिस दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। अगर वो पुलिस अफसर दोषी पाया जाता है तो उसे कम से कम 6 महीने से लेकर 1  साल तक की जेल हो सकती है या फिर उसे अपनी नौकरी गवानी पड़ सकती है।
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IPC
इन रोचक फैक्ट्स को हमने आपके लिए ढूंढ निकाला है। ये वो रोचक फैक्ट्स है, जो हमारे देश के कानून के अंतर्गत आते तो है पर हम इनसे अंजान है। हमारी कोशिश होगी कि हम आगे भी ऐसी बहोत सी रोचक बाते आपके समक्ष रखे, जो आपके जीवन में उपयोगी हो।

IPC की धारा...

धारा 307 = हत्या की कोशिश 
धारा 302 = हत्या का दंड
धारा 376 = बलात्कार
धारा 395 = डकैती
धारा 377 = अप्राकृतिक कृत्य
धारा 396 = डकैती के दौरान हत्या
धारा 120 = षडयंत्र रचना
धारा 365 = अपहरण
धारा 201 = सबूत मिटाना
धारा 34   = सामान आशय
धारा 412 = छीनाझपटी
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बेसुध हालत में मिला शराबी पिता (प्रतिकात्मक तस्वीर)
धारा 378 = चोरी
धारा 141 = विधिविरुद्ध जमाव
धारा 191 = मिथ्यासाक्ष्य देना
धारा 300 = हत्या करना
धारा 309 = आत्महत्या की कोशिश
धारा 310 = ठगी करना
धारा 312 = गर्भपात करना
धारा 351 = हमला करना
धारा 354 = स्त्री लज्जाभंग
धारा 362 = अपहरण
धारा 415 = छल करना
धारा 445 = गृहभेदंन
धारा 494 = पति/पत्नी के जीवनकाल में पुनःविवाह
धारा 499 = मानहानि
धारा 511 = आजीवन कारावास से दंडनीय अपराधों को करने के प्रयत्न के लिए दंड। 
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