उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में स्थित इस मीनार की ऊंचाई करीब 210 मीटर है। आपको बता दें कि इस मीनार को बनाने के लिए रेती, सीमेंट और पत्थर का इस्तेमाल नहीं किया गया बल्कि उड़द की दाल, शंख, सीप व कोड़ी का इस्तेमाल किया गया है। इस मीनार को देश की सबसे ऊंची मीनारों में गिना जाता है।