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एशिया के सबसे बड़े रेड लाइट एरिया में 14 हजार युवतियां बेचती हैं जिस्म, तस्वीरों में जानें 5 राज

Tue, 22 May 2018 08:09 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
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दुनिया में बहुत सारे देशों में देह व्यापार को कानूनी मान्यता मिली हुई है। वहीं कई देश इसे गैर-कानूनी मानते हैं। भारत में भी वेश्यावृति को अवैध माना जाता है लेकिन इसके बावजूद देश के कई इलाकों में यह काम जोरों-शोरों पर हो रहा है। पहले के समय में इन जगहों पर केवल नाच-गाना ही हुआ करता था। जिसे कला की दृष्टि से देखा जाता था पर समय बीता और कला की जगह इस अभिशाप ने ली। देश के कई हिस्सों में आज भी कई लड़कियां इस अभिशाप को भुगतने के लिए मजबूर हैं। डेली मेल के अनुसार एशिया का सबसे बड़ा रेडलाइट एरिया भी भारत में है और वह है देश की सांस्कृतिक राजधानी पश्चिम बंगाल में। जी हां कोलकाता का सोनागाछी एशिया का सबसे बड़ा रेडलाइट एरिया। यह जगह जितनी बड़ी है, वहीं यहां रहने वाली औरतों का गम भी उतना ही बड़ा है। 

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सोनागाछी में एकसाथ 14 हजार से ज्यादा वेश्याएं रहती हैं। कमरों में मेकअप करती महिलाएं, गलियों में खेलते हुए बच्चे और कमरों में इंतजार करती औरतें, सोनागाछी की गलियों को आम नजारा है। यहां कई मंजिलों में वेश्यालय चलते हैं। ऐसा लगता है जैसे औरतों की सोसाइटी हो।

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इस स्लम में 18 साल से कम उम्र की करीब 12 हजार लड़कियां सेक्स व्यापार में शामिल हैं। 12 से 17 साल की उम्र में ये लड़कियां मर्दों के साथ सोना सीख जाती हैं। उन्हें खुश करना सीख जाती हैं, जिसके बदले में उन्हें 2 डॉलर यानि 124 रुपए मिलते हैं। 

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आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि कोलकाता के इस रेडलाइट एरिया को विषय बनाकर एक फिल्म भी बनी है। Born Into Brothels नाम की इस फिल्म को ऑस्कर सम्मान भी मिल चुका है।

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इस स्लम में किसी बाहरी व्यक्ति का आना मना है। यहां तक की पत्रकारों और फोटोग्राफरों को भी ये लोग भीतर नहीं आने देते। अगर किसी को अंदर आना होता है तो उन्हें इन लोगों से स्पेशल परमिशन लेनी पड़ती है और उनकी अनुमित के बाद ही कोई काम संभव हो पाता है।
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यहां रहने वाली सभी महिलाएं गरीबी, भ्रष्टाचार और अनैतिकता का परिणाम हैं। यहां की ज्यादातर बच्चियां स्कूल छोड़कर आई हैं और अब देह बेचने का पाठ पढ़ रही हैं।
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