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Asteroid: वैज्ञानिकों को मिली बड़ी कामयाबी, पहली बार अंतरिक्ष में घूमते एस्टेरॉयड पर मिला पानी

Sat, 17 Feb 2024 07:10 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
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पहली बार अंतरिक्ष में घूमते एस्टेरॉयड पर मिला पानी - फोटो : NASA
Water on Asteroid: ब्रह्मांड रहस्यों से भरा हुआ है। इनके बारे में वैज्ञानिकों को भी बहुत कम जानकारी है। रहस्यों को जानने के लिए वैज्ञानिकों सालों से अध्ययन कर रहे हैं। इस शोध के दौरान वैज्ञानिक आए दिन हैरतअंगेज खुलासा करते हैं। अब वैज्ञानिकों ने एक बड़ी खोज की है। इन खोज से वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड के रहस्य को जानने में मदद मिलेगी। पहली बार वैज्ञानिकों ने किसी एस्टेरॉयड या क्षुद्रग्रह पर पानी खोजा है। 

नासा के स्ट्रैटोस्फेयरिक ऑब्जरवेटरी फॉर इंफ्रारेड एस्ट्रोनॉमी (SOFIA) ने यह बड़ी खोज की है। दरअसल, यह एक प्रयोगशाला है, जो उड़ने वाली है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने नासा ने इस प्रयोगशाला को एयरक्राफ्ट में बनवाया था। आइरिस (Iris) और मस्सालिया (Massalia) नाम के एस्टेरॉयड पर पानी मिला है। दोनों एस्टेरॉयड पर सिलिकेट भरा हुआ है। नासा ने विमान के डेटा को जमा करके इस खोज किया है। अब नासा का यह विमान रिटायर हो चुका है। इस विमान में एक टेलिस्कोप लगाया है, जिसने चार एस्टेरॉयड पर नजर रखी थी। 
 
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पहली बार अंतरिक्ष में घूमते एस्टेरॉयड पर मिला पानी - फोटो : iStock
चारों एस्टेरॉयड पर सिलिकेट भरा हुआ है, लेकिन पानी सिर्फ दो पर है। नासा और जर्मन एयरोस्पेस सेंटर मिलकर इस विमान का संचालन करते थे। स्ट्रैटोस्फेयरिक ऑब्जरवेटरी फॉर इंफ्रारेड एस्ट्रोनॉमी में एक फेंट ऑब्जेक्ट इंफ्रारेड कैमरा लगाया गया है। इस कैमरे से आइरिस और मस्सालिया एस्टेरॉयड्स पर पानी को खोजा गया है। 
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पहली बार अंतरिक्ष में घूमते एस्टेरॉयड पर मिला पानी - फोटो : iStock
अतरिक्ष में ग्रहों, उल्कापिंडों और क्षुद्रग्रहों की सतह पर पानी की खोज करने का तरीका बेहद खास है। इनकी सतह पर रोशनी के अलग-अलग वेवलेंथ के माध्यम से पानी की खोज की जाती है। 

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पहली बार अंतरिक्ष में घूमते एस्टेरॉयड पर मिला पानी - फोटो : Twitter/@RajBhads90
सैन एंटोनियो में स्थित साउथवेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के साइंटिस्ट एनिसिया अरेडोंडो ने बताया कि ग्रहों के निर्माण के समय एस्टेरॉयड बनते हैं। उन्होंने बताया कि इन एस्टेरॉयड में कई ग्रहों का मिश्रण भी हो सकता है। ऐसा भी हो सकता है कि एक ही ग्रह की मिट्टी से इनका निर्माण हुआ हो। जब इनकी सतह पर रोशनी की अलग-अलग वेवलेंथ को डाला जाता है, तो अलग-अलग पदार्थों के बारे में जानकारी मिलती है। 


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पहली बार अंतरिक्ष में घूमते एस्टेरॉयड पर मिला पानी - फोटो : iStock
एनिसिया ने जानकारी दी कि धरती पर मंगाए गए पहले एस्टेरॉयड सैंपल में पानी के बारे में पता चला है। हालांकि अंतिरक्ष में घूम रहे किसी एस्टेरॉयड पर पहली बार पानी की खोज की गई है। इस प्रयोगशाल ने ही चांद की सतह पर दक्षिणी हिस्से में स्थित क्रेटर्स में भी पानी को खोजा था। बता दें कि आइरिस एस्टेरॉयड 199 किलोमीटर और मस्सालिया एस्टेरॉयड 135 किलोमीटर चौड़े हैं।
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