आज पूरी दुनिया को कोरोना महामारी ने अपने आगोश में ले रखा है। विश्व भर में 16 करोड़ से भी ज्यादा लोग इससे संक्रमित हुए हैं। कोरोना वायरस के चलते 34 लाख से ज्यादा जानें अब तक जा चुकी हैं। वहीं इतिहास में पहले भी कोरोना जैसी कई भयावह महामारियां आईं थीं। हाल ही में बोस्टन के लाइब्रेरी एंड आर्काइव ने एक मंत्री की डायरी और कई डिजीटल रिकॉर्डों को ऑनलाइन पोस्ट किया है। रिकॉर्डों की मानें तो 1700 के दशक के आस पास चेचक नामक महामारी आई थी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social media
इस महामारी का दंश इतना भयानक था की उस दौरान इसके विनाशकारी प्रभाव के चलते हजारों जानें गईं थीं। इससे कई सारे लोग संक्रमित हुए थे। उस समय इस महामारी से लड़ने के लिए किसी प्रकार का टीका या बेहतर उपचार भी उपलब्ध नहीं था। रिकॉर्ड की मानें तो महामारी का भयानक प्रभाव सबसे ज्यादा अमेरिका के तटों से दूर के इलाकों में पड़ा था।
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- फोटो : pixabay
अब जबकि चेचक को आए करीबन तीन सौ साल बीत चुके हैं और मानव सभ्यता एक नई महामारी कोरोना को झेल रही है। इस कड़ी में कई विशेषज्ञ कोरोना महामारी और 3 सदी पहले आई चेचक महामारी के बीच समानता को देख हैरान हैं। न्यू इंग्लैंड हिस्टोरिक वंशावली सोसाइटी के लिए काम करने वाले बोदनार का कहना है - "इतने सालों के बाद भी हम बहुत कम बदले हैं।"
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अपने एक इंटरव्यू में बोदनार कहते हैं - "हम अपने अतीत के रिकॉर्ड में 17वीं सदी में आई चेचक महामारी और कोरोना महामारी के बीच समानता ढूंढ रहें हैं। यह काफी दिलचस्प समानांतर प्रक्रिया है।" आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चेचक महामारी का अंतिम बार भयानक प्रभाव साल 1949 में देखा गया था। वहीं जब इसका इलाज ढूंढा गया, तब तक इसने लाखों लोगों की जानें ले ली थी।
1980 में विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक शाखा ने चेचक महामारी को पूर्णतया समाप्त करने की घोषणा की। 1980 के बाद से लेकर अब तक स्वाभाविक रूप से चेचक का कोई केस सामने नहीं आया है। इस हिसाब से 1700 में इस महामारी का उद्भव हुआ था और 1980 में जाकर इसका अंत हुआ। महामारी को पूरी तरह खत्म होने में लगभग 280 सालों का वक्त लगा।