75 साल पहले 6 और 9 अगस्त को जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर अमरीका ने परमाणु बमों से हमला किया था। ऐसा माना जाता है कि इस हमले में हिरोशिमा की 3,50,000 की आबादी में से करीब 1,40,000 लोग मारे गए थे। दूसरी ओर, नागासाकी में करीब 74,000 लोग मारे गए थे। इस बमबारी ने एशिया में दूसरे विश्व युद्ध को अचानक खत्म कर दिया था। जापान ने 14 अगस्त 1945 को आत्मसमर्पण कर दिया था। लेकिन, आलोचकों का कहना है कि जापान पहले ही सरेंडर करने की कगार पर था। इस बमबारी में जीवित बचे लोगों को हिबाकुशा कहा जाता है। जीवित बचे लोगों को परमाणु बम के हमले के बाद शहरों में रेडिएशन और मनोवैज्ञानिक मुश्किलों से गुजरना पड़ा था।