फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वैज्ञानिकों को दूर अंतरिक्ष में मिली अनोखी आकृति, बदल सकती है ब्रह्मांड को लेकर हमारी समझ

Thu, 17 Jun 2021 03:26 PM IST
संकल्प सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
एक महान वैज्ञानिक ने कहा था कि हम अब तक ब्रह्मांड के केवल बूंद जितने बड़े हिस्से को ही जान पाए हैं। अंतरिक्ष के पिटारे में ना जाने कितने रहस्य दफन हैं, जिन्हें खोला जाना अभी बाकी है। विज्ञान की निरंतर होती उन्नति से हम अपने सीमित संसाधनों से इस असीमित ब्रह्मांड को समझने की कोशिश कर रहें हैं। रोजाना हो रहे वैज्ञानिक शोध से अक्सर कई चौकाने वाली खगोलीय घटनाएं सामने निकल कर आती रहती हैं, जो विज्ञान जगत को अक्सर विस्मित करती हैं। ब्रह्मांड को लेकर, जो हमारी अब तक की समझ है वह अधूरी है। डार्क मैटर, डार्क एनर्जी, ऑब्जर्वर इफेक्ट ना जाने कितने ऐसे रहस्य हैं, जिन्हें आज तक हम सुलझा नहीं पाए हैं। अंतरिक्ष में हो रहे अनेको घटनाक्रम पर खगोलविद नियमित अपनी नजर बनाए रखते हैं। इसी सिलसिले में वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड में एक आर्क जैसी अनोखी आकृति को खोजा है, जो ब्रह्मांड को लेकर हमारी पुरानी समझ को पूरी तरह से बदल सकती है। यह आर्क लगभग 3.3 प्रकाश वर्ष के दायरे में फैला हुआ है।
विज्ञापन

2 of 5
ब्रह्मांड (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
वैज्ञानिकों ने इस अनोखी आकृति को पृथ्वी से करीबन 9 अरब प्रकाश वर्ष की दूरी पर खोजा है। यह अनोखी आकृति एक आर्क जैसी दिखती है। ब्रह्मांड में ये लगभग 3.3 प्रकाश वर्ष के दायरे में फैली हुई है। इस अजीबोगरीब आकृति देखने के बाद से अंतरिक्ष विज्ञान में एक नई बहस छिड़ गई है कि आखिर ये ब्रह्मांड दिखता कैसा है? और अंतरिक्ष में दिखने वाले किसी भी चीज के पैटर्न की सीमा क्या हो सकती है?
विज्ञापन

3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इस अनोखी आकृति वाले आर्क की खोजकर्ता एलेक्सिया लोपेज का कहना है कि ये खोज ब्रह्मांड को लेकर हमारी पुरानी समझ को बिल्कुल बदल सकती है। अंतरिक्ष को लेकर एक थ्योरी का कहना है कि हमने अब तक ब्रह्मांड के जितने बड़े हिस्सों की छानबीन की है, बाकी बच्चा हिस्सा भी वैसा ही होगा। आर्क की खोज ने इस थ्योरी को भी चुनौती दी है।

4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
एलेक्सिया ने बताया कि अमूमन ब्रह्मांड में जो भी आकृति दिखती है वह ज्यादा से ज्यादा 1.2 अरब प्रकाश वर्ष में फैली होती है। वहीं हमने जिस विशालकाय आर्क को ढूंढा है वह करीबन इससे तीन गुना ज्यादा बड़ा है। उसका आकार 3.3 अरब प्रकाश वर्ष में फैला है। इस नए आर्क के मिलने से ब्रह्मांड को लेकर जो हमारी समझ थी उस पर सवाल खड़े हो गए हैं। ब्रह्मांड में फैले बड़े आकार की चीजों का अध्ययन करने वाले ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के एस्ट्रोफिजिसिस्ट सुबीर का कहना है - "अगर ऐसी कोई चीज सच में मौजूद है, तो ये एक बड़ी खोज है।"
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Twitter - @chandraxray
इस अध्ययन को जेरेमाया इंस्टीट्यूट की पीएचडी स्टूडेंट एलेक्सिया लोपेज और रॉजर क्लोज ने यूनिवर्सिटी ऑफ लुईविल के जेरार्ड विलिजर के साथ मिलकर किया है। उन्होंने इसकी खोज Sloan Digital Sky Survey की मदद से की। इसको जानने के लिए उन्होंने लगभग 40 हजार क्वेजर का गहन तौर पर अध्ययन किया। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि क्वेजर दूर अंतरिक्ष में ऐसी चीजें होती हैं जो बहुत तेजी से चमकती हैं। एलेक्सिया ने बताया कि इन क्वेजर से जो स्पेक्ट्रा बनता है उसे वैज्ञानिक टेलिस्कोप की मदद से स्टडी करते हैं।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें