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अजब-गजब: जेम्स वेब टेलीस्कोप ने खोजा अब तक का सबसे बड़ा ब्लैक होल, वैज्ञानिकों ने किया हैरान करने वाला खुलासा

Sun, 21 Jan 2024 06:23 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
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Science News - फोटो : iStock
अजब-गजब: नासा का जेम्स वेब टेलीस्कोप आए दिन हैरतगेंज खोज करता है। अब नासा के इस टेलीस्कोप ने अंतरिक्ष में बड़ी खोज की है। जेम्स वेब टेलीस्कोप ने अभी तक के सबसे पुराने और सबसे दूर स्थित ब्लैक होल की खोज की है, जो ब्रह्मांड के शुरुआत के दौरान का है। खगोलविदों ने बताया कि यह ब्लैक होल अपनी मेजबान आकाशगंगा को निगलता जा रहा है।

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने इस ब्लैकोल को खोजा है। उन्होंने सबसे पुराने ज्ञात ब्लैक होल का जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप से निरीक्षण किया। जांच दल के शोधकर्ताओं ने बताया कि ब्लैक होल 13 अरब साल से भी पहले का है। मतलब यह बिग बैंग के करीब 400 मिलियन साल बाद।

कैसे होता ब्लैक होल का निर्माण? 

आमतौर पर  ब्लैक होल का निर्माण तब होता है, जब सुपरनोवा विस्फोट में बड़े तारें मर जाते हैं और उनके कोर गुरुत्वाकर्षण बल की वजह से ढह जाते हैं। इसकी वजह से गुरुत्वाकर्षण खिंचाव पैदा होता है, जो इतना तेज होता है कि प्रकाश भी बच नहीं सकता।
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Science News - फोटो : Pixabay
कुछ ब्लैक होल तारकीय टकरावों की वजह से बनते हैं, तो वहीं कुछ प्रारंभिक ब्रह्मांड ब्लैक होल जिन्हें "डायरेक्ट कोलैप्स ब्लैक होल" कहा जाता है, जिनका निर्माण सिर्फ प्रारंभिक आकाशगंगाओं के एक-दूसरे को प्रभावित करने से होता है।
 
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Science News - फोटो : iStock
सूर्य कितना बड़ा है ब्लैक होल?

खगोलविद मानते हैं कि इस ब्लैक होल का निर्माण किसी तारे की मौत की वजह से नहीं हुआ होगा। उन्होंने बताया कि यह ब्रह्मांड के निर्माण के 400 मिलियन वर्ष बाद इसी स्थान पर मौजूद था। वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि अंतरिक्ष की दृष्टि से कोई आकाशीय पिंड अपेक्षाकृत कम समय में इतना बड़ा नहीं हो सकता है, जो मरने के बाद इतने बड़े ब्लैक होल का निर्माण कर सके।
 

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Science News - फोटो : iStock
वैज्ञानिकों का क्या कहना है?

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के खगोलशास्त्री रॉबर्ट मायोलिनो ने बताया कि ब्रह्मांड में संभव नहीं है कि इतना बड़ा ब्लैक होल इतनी तेजी से विकसित हो जाए। सिद्धांतों के मुताबिक, पर्याप्त समय नहीं है। इसलिए किसी को वैकल्पिक परिदृश्यों की मदद लेनी होगी। खगोलविद मानते हैं कि ब्लैक होल का निर्माण अपने वर्तमान आकार में हो सकता है, या यह जितना संभव समझा गया था उससे लगभग पांच गुना अधिक तेजी से पदार्थ को खा सकता है।
 
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Science News - फोटो : iStock
ब्लैक होल अपने आकाशगंगा को निगल रहा

मायोलिनो ने बताया कि यह ब्लैक होल अनिवार्य तौर पर हर पांच साल में पूरे सूर्य को खा रहा है। हमने जितना सोचा था उसके अधिक है।  ब्लैक होल अपनी मेजबान आकाशगंगा GN-z11 निगल रहा है, जिसे पहली बार 2016 में देखा गया था। 
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