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Luna 25: रूस के लूना-25 ने भेजी चंद्रमा की दुर्लभ तस्वीर, चांद पर दिखा रहस्यमयी गड्ढा

Fri, 18 Aug 2023 05:46 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
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luna 25 the first rare picture of the moon - फोटो : Twitter@SPACEdotcom
Luna 25: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 14 जुलाई को चंद्रयान-3 मिशन लाॅन्च किया था। इसके बाद रूस ने भी चांद पर लूनर मिशन भेजा है। भारत और रूस के मिशन पर दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं। रूस ने भारत के चंद्रयान 3 के करीब एक महीने बाद लूनर मिशन को लाॅन्च किया था। रूस का लूना-25 चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर चुका है। इसके बाद उसने अब चंद्रमा की पहली तस्वीर भेजी है। 

रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस ने चंद्रमा की तस्वीर को अपने टेलीग्राम चैनल पर शेयर किया है। एजेंसी की तरफ से बताया गया है कि लूना-25 लगभग पांच दिनों तक चांद का चक्कर लगाएगा। इसके बाद वह 21 अगस्त को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग के लिए अपना रास्ता बदलेगा। इसके दो दिन बाद 23 अगस्त को भारत का चंद्रयान-3 भी दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। आइए जानते हैं लूना 25 मिशन के बारे में..
 
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luna 25 the first rare picture of the moon - फोटो : iStock
रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस ने तस्वीर के बारे में जानकारी दी है कि लूना-25 के लैंडर ने चंद्रमा के सतह की पहली डिटेल फोटो खींची है। एजेंसी के अधिकारियों की तरफ से बताया गया है कि तस्वीर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्रेटर जीमन की है। 75 डिग्री दक्षिण अक्षांश और 135 डिग्री पश्चिम देशांतर पर गड्ढा स्थित है।'
 
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luna 25 the first rare picture of the moon - फोटो : iStock
सोवियत संघ के पतन के बाद लगभग 50 साल में रूस का यह पहला चंद्रमा मिशन है, जिसे एक मील का पत्थर माना जा रहा है। लूना 25 ने 13 अगस्त को भी कुछ तस्वीरें भेजी थीं, जिनमें एक तरफ धरती और एक तरफ चांद नजर आ रहा था। इसके साथ ही मिशन का प्रतीक और ऑनबोर्ड मैनिपुलेटर भी दिख रहा था। 


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luna 25 the first rare picture of the moon - फोटो : iStock
आखिर क्या है जीमन

जीमन चंद्रमा के प्रभाव की वजह से बना एक गड्ढा है जो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास स्थित है। यह पृथ्वी से नजर नहीं आता है। जीमन के उत्तर-पश्चिम में न्यूमेरोव क्रेटर और दक्षिणपूर्व में एशब्रुक क्रेटर है। वैज्ञानिक अभी तक यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इन क्रेटर्स का निर्माण कैसे हुआ है? जीमन का बाहरी किनारा कटा है और काफी टेढ़ा-मेढ़ा है। ढलानों की चौड़ाई भी बेहद अलग है। 

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luna 25 the first rare picture of the moon - फोटो : iStock
लूना-25 फिलहाल चंद्रमा की कक्षा में है, लेकिन यह अधिक समय तक यहां नहीं रहेगा। कुछ दिनों में लैंडर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास स्थित भूरे रंग की गंदगी के एक टुकड़े की जांच करेगा। माना जाता है कि इस क्षेत्र में बर्फ भरा है। लूना-25 सफलतापूर्वक लैंडिग कर लेता है, तो अंतरिक्ष यान एक साल तक चलने वाले मिशन को अंजाम देगा। यह बर्फ के साथ ही कई अन्य जगहों की भी जांच करेगा। 

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luna 25 the first rare picture of the moon - फोटो : iStock
मिशन का उद्देश्य 

रूस ने लूना 25 को 11 अगस्त को लॉन्च किया था, जिसने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग के लिए छोटा रास्ता अपनाया है। दुनिया के किसी एजेंसी को इस रास्ते के बारे में जानकारी नहीं है। वैज्ञानिकों कहना है कि भारत और रूस के सामने एक बड़ी चनौती है। उनका कहना है कि कोई भी देश खिताब जीतेगा, इस बात की संभावना कम है। 
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