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बिना ब्लाउज महिलाओं के चित्रण की इस झांकी पर बढ़ा विवाद, गणतंत्र दिवस परेड में दिखा था नजारा

Sun, 27 Jan 2019 01:23 PM IST
गौरव शुक्ला फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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70th Republic Day tableau - फोटो : PIB
70वें गणतंत्र दिवस की परेड में अबकी बार बहुत कुछ पहली बार हुआ है। अभी लोगों में परेड की खुमारी उतरी भी नहीं थी कि विवाद पहले ही सामने आने लगे हैं। इस बार गणतंत्र दिवस परेड में 16 राज्यों की झांकी राजपथ पर देखने को मिली। लेकिन अब तमिलनाडु की झांकी पर विवाद शुरू हो गया है। 
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Republic Day 2019 parade - फोटो : ANI
दरअसल, तमिलनाडु की झांकी में महिलाओं को बिना ब्लाउज के सिर्फ साड़ी में दिखाया गया था। महात्मा गांधी की मदुरै यात्रा को दिखाती इस झांकी में महिलाओं को बिना ब्लाउज सिर्फ साड़ी में दिखाया गया था। 
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tamil nadu tableau 2019 - फोटो : PIB
तमिलनाडु सरकार की इस झांकी में महात्मा गांधी की 1921 की मदुरै यात्रा को दिखाया गया था, जिसके बाद उन्होंने कपड़े त्याग दिए थे और सिर्फ एक धोती पहनने का फैसला किया था। ऐसा फैसला उन्होंने यहां के किसानों की दयनीय हालत को देखकर किया था। 

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Tableau of Karnataka 2019 - फोटो : PIB
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 22 सितंबर 1921 की मदुरै यात्रा के बारे में बताते हुए राजनीतिक दल द्रविड़ इयक्का तमिझर पेरावई के महासचिव सुबा वीरापांडियन ने कहा कि इस यात्रा के बाद महात्मा गांधी ने सिर्फ एक धोती पहनने का फैसला किया था। यह महात्मा गांधी और तमिलनाडु के लिए अहम घटना थी, लेकिन 1921 में महिलाएं इस तरह कपड़े नहीं पहनती थीं, जैसा झांकी में दिखाया गया है। त्रावणकोर क्षेत्र में महिलाएं इस तरह का पहनावा पहनती थीं, मगर महिलाओं के ब्लाउज पहनने पर बैन को 19वीं शताब्दी में ही खत्म कर दिया गया था।
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गणतंत्र दिवस
वीरापांडियन ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था, वह भी तब जब राजपथ पर देश के गौरव यानी परेड को पूरी दुनिया देख रही थी। असंगठित मजदूर संघ की सलाहकार आर गीता ने भी कहा कि बिना ब्लाउज के महिलाओं को दिखाने से बचा जा सकता था। 
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Republic Day 2019 - फोटो : PTI
राज्य के सूचना और प्रसारण विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि झांकी का मकसद महात्मा गांधी के 150वीं जन्म जयंती के मौके पर उनके जीवन से जुड़ी किसी घटना को दिखाना था। उन्होंने कहा कि हमें झांकी से संबंधित कई फोन कॉल्स मिले हैं। हालांकि, इस थीम को इसीलिए चुना गया था क्योंकि बहुत से लोगों को गांधी और तमिलनाडु के इस कनेक्शन के बारे में नहीं पता होगा।  
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