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अजब-गजब: कुछ सालों बाद गर्भ से बाहर विकसित होगा भ्रूण, दाई का काम करेंगे AI रोबोट

Wed, 02 Feb 2022 07:17 PM IST
राजेश मिश्रा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अब विकसित होंगे कृत्रिम भ्रूण - फोटो : Pixabay
जन्म से पहले बच्चा एक भ्रूण होता है और वो अपने मां के गर्भ में सुरक्षित पोषक तत्वों से भरी थैली में विकसित होता है। पूरे 9 माह तक गर्भ में रहने के बाद एक स्वस्थ बच्चा जन्म लेता है। इसके बाद मां और बच्चे का ख्याल दाई यानी नर्स रखती है। विज्ञान इतना आगे बढ़ गया है कि वैज्ञानिक अब कृत्रिम भ्रूण बनाएंगी और इनका ख्याल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दाई रखेंगी। ये दाई कृत्रिम भ्रूण की हर हलचल पर नजर रखेंगी और उनकी देखभाल करेंगी। चीन के शुझोउ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने दावा किया है की भ्रूण से लेकर बच्चे के जन्म लेने तक उनका ख्याल ये AI दाई रखेंगी। ऐसे में महिला को गर्भवती होने की भी कोई आवश्यकता नहीं है। महिला अपने बच्चे को कृत्रिम भ्रूण में बड़ा होते देख सकेगी। अभी ये प्रयोग फिलहाल चूहों पर चल रहा है। ये AI दाई चूहों के कृत्रिम भ्रूणों पर नजर रख रही है और उनकी देखभाल कर रही है।  
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अब विकसित होंगे कृत्रिम भ्रूण - फोटो : Pixabay
इस रिपोर्ट को जर्नल ऑफ बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में प्रकाशित किया गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस प्रयोग से हमें जीवन को समझने में मदद मिलेगी। आने वाले समय में हमें इंसानी भ्रूण के विकास को और नजदीक से समझने में मदद मिलेगी। इससे प्रसव के दौरान होने वाली मौतों को भी कम किया जा सकेगा और जन्म संबंधी अन्य परेशानियों से भी छुटकारा मिलेगा।
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अब विकसित होंगे कृत्रिम भ्रूण - फोटो : Pixabay
वैज्ञानिकों ने बताया कि विट्रो कल्चर सिस्टम की मदद से इन भ्रूणों को विकसित किया जा रहा है। इससे हमें शरीर में आने वाले बदलाव और विकास के तरीकों को भी समझने में मदद मिलेगी। जिन AI दाइयों को तैयार किया जा रहा है वो इन भ्रूणों के विकास और उनकी सेहत पर नजर रखेंगी और जरूरत पड़ने पर डॉक्टरों को सूचित भी करेंगी। 

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अब विकसित होंगे कृत्रिम भ्रूण - फोटो : Pixabay
चीन के वैज्ञानिकों ने लॉन्ग टर्म एंब्रियो कल्चर डिवाइस विकसित की है। इस डिवाइस में पोषक तरल पदार्थों का जटिल सिस्टम है। इसी सिस्टम में भ्रूण विकसित होता है। इस सिस्टम में ऑक्सीजन की भी सप्लाई दी गई है जिससे भ्रूण को विकसित होने में मदद मिलती है।
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अब विकसित होंगे कृत्रिम भ्रूण - फोटो : Pixabay
इस समय यह प्रयोग चूहों के कृत्रिम भ्रूण पर किया जा रहा है। आने वाले समय में इंसानी भ्रूणों की देखरेख रोबोट्स भी कर सकते हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कानून ऐसे प्रयोग करने की अनुमति नहीं देता है। ऐसा हो सकता है की चूहों के अलावा अन्य जीवों पर इस तरह के प्रयोग हो सकते हैं। सफलता के आधार पर इंसानों पर प्रयोग भविष्य में ही हो सकता है।
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