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Solar Storm: धरती के पास होगा सिर्फ 30 मिनट का वक्त! जानिए नासा ने क्यों दी ऐसी चेतावनी

Wed, 17 May 2023 01:08 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
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nasa warning on solar storm - फोटो : iStock
Nasa Warning on Solar Storm: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के शोधकर्ता ने कहा कि भविष्य में कभी धरती से सौर तूफान टकराता है, तो पृथ्वी के लोगों के पास खुद को बचाने के लिए सिर्फ 30 मिनट का समय होगा। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी एक खास कंप्यूटर मॉडल विकसित कर रही है। यह सैटेलाइट डेटा का इस्तेमाल कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से सौर तूफान के धरती से टकराने के 30 मिनट पहले भविष्यवाणी कर सकता है।

सूर्य की सतह पर जब विस्फोट होता है, तो बहुत अधिक मात्रा में ऊर्जा, ऊष्मा, प्रकाश और प्लाज्मा कणों के रूप में निकलती है। इसकी वजह से सौर तूफान पैदा होता है, जो धरती से टकरा सकता है। यह जरूरी नहीं है कि वह धरती की तरफ ही आए। अंतरिक्ष में किसी भी तरफ सौर तूफान बढ़ सकता है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नासा के वैज्ञानिकों द्वारा अर्ली वार्निंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिसकी मदद से 30 मिनट पहले पता लगाया जा सकता है कि कोई सौर तूफान धरती के किसी हिस्से से टकरा सकता है। 
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nasa warning on solar storm - फोटो : iStock
150 साल पहले आया था सौर तूफान!

सौर विस्फोट के दौरान निकलने वाला प्रकाश धरती को काफी प्रभावित कर सकता है। 150 साल पहले एक ऐसी ही घटना हुई थी, जिसका टेलीग्राफ सेवा पर बुरा प्रभाव पड़ा था। सितंबर 1859 की शुरुआत में एक सौर तूफान आया था, जिसे कैरिंगटन घटना कहा जाता है। इस घटना से अमेरिका और यूरोप में टेलीग्राफ नेटवर्क तबाह हो गया था। इसके बाद साल 1989 में कनाडा के क्यूबेक शहर में एक सौर तूफान आया था, जिसके बाद 12 घंटे तक बिजली नहीं आई थी। 

 
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nasa warning on solar storm - फोटो : iStock
क्या होता है सौर तूफान

सौर तूफान ऊर्जा का एक शक्तिशाली विस्फोट होता है, जो रेडियो संचार, बिजली ग्रिड और नेविगेशन सिग्नल्स तो तबाह कर सकता है। नासा के मुताबिक, "सोलर फ्लेयर्स'' सनस्पॉट से जुड़ी चुंबकीय ऊर्जा के रिलीज होने से आने वाले विकिरण का एक तीव्र विस्फोट है। सोलर फ्लेयर हमारे सौर मंडल की सबसे बड़ी विस्फोटक घटनाएं हैं। यह सूर्य पर उज्ज्वल क्षेत्रों के रूप में दिखाई देते हैं और वे मिनटों से लेकर घंटों तक रह सकते हैं। 

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nasa warning on solar storm - फोटो : iStock
सोलर फ्लेयर को कोरोनल मास इंजेक्शन (सीएमई) के रूप में भी जाना जाता है। सौर मंडल में ये फ्लेयर्स सबसे शक्तिशाली विस्फोट माने जाते हैं। इनमें अरबों हाइड्रोजन बमों की तुलना में ज्यादा ऊर्जा रिलीज होती है। ये फ्लेयर्स मध्यम, मजबूत और तेज रोशनी वाले हो सकते हैं। सूर्य की चुंबकीय ऊर्जा रिलीज होने से निकलने वाली रोशनी और पार्टिकल्स से सौर फ्लेयर्स बनते हैं।

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nasa warning on solar storm - फोटो : Pixabay

अजीब व्यवहार कर रहा है सूर्य

वैज्ञानिकों का कहना है कि सूर्य अजीब व्यवहार कर रहा है। इस समय सूर्य 11 साल के सौर चक्र की वजह से बहुत अधिक एक्टिव फेज में है। इसकी वजह से चुंबकीय ऊर्जा रिलीज हो रही है, जिससे सौर फ्लेयर्स बन रहे हैं। अगर धरती की तरफ इनकी दिशा हुई, तो उसके भयानक परिणाम हो सकते हैं। 
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