आज के रहस्य की इस श्रृंखला में हम बात करने वाले हैं मैहर माता मंदिर के रहस्य के बारे में, जिसके विषय में कहा जाता है कि वहां पर आज भी आल्हा ऊदल अदृश्य रूप में मां शारदा की आरती करने के लिए आते हैं। हिंदू पौराणिक ग्रंथों की मानें तो दक्ष प्रजापति ने एक बहुत बड़े महायज्ञ का आयोजन किया था। इस महायज्ञ में उनकी पुत्री सती भी शामिल होना चाहती थी। इससे पहले माता सती ने अपने पिता प्रजापति दक्ष की आज्ञा के बिना भगवान शिव से शादी की थी। इस कारण प्रजापति दक्ष उनसे काफी नाराज थे। माता सती और भगवान शिव को इस यज्ञ में आने का निमंत्रण नहीं दिया गया था। इसके बावजूद माता सती ने भगवान शिव से यज्ञ में जाने का जिद्द किया। मां सती जब वहां पर पहुंची तो उन्हें देखकर प्रजापति दक्ष काफी क्रोधिथ हुए। उन्होंने माता सती का खूब अपमान किया। इस अपमान से मां इतनी ज्यादा आहत हुईं कि उन्होंने जलते हुए अग्नि कुण्ड में अपने आप को भस्म कर लिया।