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Lunar Eclipse: सुपरमून पर लगेगा चंद्र ग्रहण, आसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा, जानिए भारत में नजर आएगा या नहीं?

Tue, 17 Sep 2024 06:40 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
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सुपरमून पर लगेगा चंद्र ग्रहण, आसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा, जानिए भारत में नजर आएगा या नहीं? - फोटो : अमर उजाला
Lunar Eclipse 2024: दो दिन बाद दुर्लभ घटना होने जा रही है। खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह घटना बेहद खास है। 18 सितंबर को लगने जा रहा चंद्र ग्रहण बेहद खास है। हालांकि, यह चंद्र ग्रहण एक आंशिक ग्रहण है। इसे दुनिया के कई जगहों पर देखा जाएगा। जिस समय सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आते हैं, तो चंद्र ग्रहण लगता है, क्योंकि पृथ्वी के कारण सूर्य का प्रकाश चंद्रमा पर नहीं पड़ता है। इस घटना को चंद्र ग्रहण कहा जाता है। 

दरअसल, चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है। पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है और चंद्रमा एक उपग्रह है, जो धरती का चक्कर लगाता है। जब सूर्य और चंद्रमा के बीच धरती आ जाती है, तो सूर्य की रोशनी चंद्रमा तक नहीं जा पाती है। इससे धरती की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इस खगोलीय घटना को चंद्र ग्रहण कहा जाता है। पूर्णिमा के दिन यह खगोलीय घटना होती है। हिन्दू पंचांग के मुताबिक, प्रत्येक महीने के शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा पड़ती है। 
 
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सुपरमून पर लगेगा चंद्र ग्रहण, जानिए भारत में नजर आएगा या नहीं? - फोटो : Freepik
चंद्र ग्रहण का समय

18 सितंबर यानी बुधवार को भारतीय समय के मुताबिक, सुबह 6 बजकर 11 मिनट पर लगेगा, जो  सुबह 10 बजकर 17 मिनट पर समाप्त होगा। यह ग्रहण कुल 4 घंटे 6 मिनट तक रहेगा। कई विदेशी अंतरिक्ष एजेंसियां और दूसरे खगोलीय घटनाओं पर नजर रखने वाली वेबसाइट इस खगलोयी घटना सीधा प्रसारण करेंगी।
 
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सुपरमून पर लगेगा चंद्र ग्रहण, जानिए भारत में नजर आएगा या नहीं? - फोटो : Freepik
तीन प्रकार के होते हैं चंद्र ग्रहण

दरअसल, चंद्र ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में किस तरह हैं। आंशिक चंद्र ग्रहण, पूर्ण चंद्र ग्रहण और उपछाया चंद्र ग्रहण होता है। पूर्ण चंद्र ग्रहण तब लगता है, जब पूरे चंद्रमा की सतह पर धरती की छाया पड़ती है। 
 

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सुपरमून पर लगेगा चंद्र ग्रहण, जानिए भारत में नजर आएगा या नहीं? - फोटो : Freepik
आंशिक चंद्र ग्रहण तब लगता है, जब चांद का एक भाग पृथ्वी की छाया में प्रवेश करता है। चंद्रमा के धरती की तरफ वाले हिस्से पर धरती की छाया काली दिखाई देती है। कटा हिस्सा दिखाई देता है, तो वह इस पर निर्भर करता है कि किस प्रकार सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में हैं। उपछाया चंद्र ग्रहण के दौरान धरती की छाया का हल्का बाहरी भाग चंद्रमा की सतह पर पड़ता है। इस ग्रहण को देखना कुछ मुश्किल होता है। 
 
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सुपरमून पर लगेगा चंद्र ग्रहण, जानिए भारत में नजर आएगा या नहीं? - फोटो : Freepik
चंद्र ग्रहण के साथ दिखेगा सुपरमून

चंद्र ग्रहण सिर्फ पूर्णिमा के दिन ही होता है, लेकिन इस बार पूर्णिमा बेहद खास है। सितंबर विषुव के करीब होने के कारण यह गर्मियों की आखिरी पूर्णिमा होगी। इस दौरान चंद्रमा सामान्य पूर्णिमा की अपेक्षा बड़ा नजर आएगा। इसके कारण इसे सुपरमून भी कहा जाता है। इसे हार्वेस्ट मून भी कहा जाता जाता है। बहुत पहले इसे हार्वेस्ट मून का नाम  दिया गया था। 

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सुपरमून पर लगेगा चंद्र ग्रहण, जानिए भारत में नजर आएगा या नहीं? - फोटो : Freepik
जब सूर्य उत्तरी से दक्षिणी गोलार्द्ध में प्रवेश करता है, तो शरद विषुव कहा जाता है। शरद ऋतु की शुरुआत के अलावा यह फसलों की कटाई का समय होता है। जब बिजली नहीं थी, तो किसान चंद्रमा की रोशनी में फसल काटने के लिए निर्भर होते थे। इसीलिए किसान इसे हार्वेस्ट मून कहते थे। सुपरमून या हार्वेस्ट मून यह खगोलीय शब्द नहीं है। शरद विषुव के करीब पड़ने वाली पूर्णिमा को यह कहा जाता है। इस समय चंद्रमा धरती के सबसे पास होता है, जिससे यह आकाश में सामान्य की तुलना में बड़ा दिखाई देता है। 

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सुपरमून पर लगेगा चंद्र ग्रहण, जानिए भारत में नजर आएगा या नहीं? - फोटो : Adobe Stock
क्या भारत में नजर आएगा चंद्र ग्रहण?

18 सितंबर को लगने वाला चंद्र ग्रहण यूरोप, एशिया के ज्यादातर हिस्सों, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत, अटलांटिक, हिंद महासागर, आर्कटिक, अंटार्कटिका के सीमित क्षेत्रों में दिखाई देगा। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, लेकिन मुंबई समेत कुछ पश्चिमी शहरों में नजर आ सकता है। हालांकि, इसकी बेहद कम संभावना है। इसके बाद चंद्रमा क्षितिज के नीचे चला जाएगा, जिसकी वजह से यह भारत में नजर आना बंद हो जाएगा। 
 
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