राम सीता
वहीं, माता सीता को आद्यशक्ति, सर्वमंगलदायिनी और वरदायनी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, सीता के नाम में ही उनकी उत्पत्ति का राज छिपा है। दरअसल, मिथिला के राजा महाराज जनक की कोई संतान नहीं थी। इसलिए उन्होंने संतान प्राप्ति की कामना के लिए एक यज्ञ करने की ठानी। जब वो यज्ञभूमि तैयार कर रहे थे, उस दौरान वहां एक बालिका प्रकट हुई। उस बालिका का नाम सीता रखा गया।