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कुंभ मेले में आकर्षण का केंद्र बना ये अनोखा बैंक, यहां चलती है सिर्फ भगवान राम की मुद्रा

Mon, 21 Jan 2019 05:07 PM IST
shubham फीचर डेस्क, अमर उजाला
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प्रयागराज कुंभ मेले में एक अनूठा बैंक सक्रिय है, जहां आपको आम रुपए देने की जरूरत नहीं है बल्कि यहां भगवान राम की खास मुद्रा चलती है। कुंभ मेले के सेक्टर छह में यह बैंक संचालित किया जा रहा है। 
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कुंभ में बिना किसी एटीएम या चेक बुक वाला एक ऐसा अनोखा 'राम नाम बैंक' सेवाएं दे रहा है, जहां केवल 'भगवान राम' की मुद्रा चलती है और ब्याज के रूप में आत्मिक शांति मिलती है। यह ऐसा बैंक है जिसमें आत्मिक शांति की तलाश कर रहे लोग करीब एक सदी से पुस्तिकाओं में भगवान राम का नाम लिखकर जमा करा रहे हैं। 
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इस अनूठे राम नाम बैंक का प्रबंधन देखने वाले आशुतोष वार्ष्णेय के दादा ने 20वीं सदी की शुरुआत में एक संगठन की स्थापना की थी। आशुतोष अपने दादा की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। 

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- फोटो : अमर उजाला
आशुतोष का कहना है कि इस बैंक की स्थापना मेरे दादा ईश्वर चंद्र ने की थी, जो कारोबारी थे। अब इस बैंक में विभिन्न आयु वर्गों एवं धर्मों के एक लाख से अधिक खाताधारक हैं। आशुतोष ने बताया कि यह बैंक एक सामाजिक संगठन 'राम नाम सेवा संस्थान' के तहत चलता है और अबतक इसे कम से कम नौ कुंभ मेलों में इसे स्थापित किया जा चुका है। 
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बैंक में कोई मौद्रिक लेन-देन नहीं होता। इसके सदस्यों के पास 30 पृष्ठीय एक पुस्तिका होती है, जिसमें 108 कॉलम में वे प्रतिदिन 108 बार 'राम नाम' लिखते हैं। यह पुस्तिका व्यक्ति के खाते में जमा की जाती है। उन्होंने कहा कि भगवान राम का नाम लाल स्याही से लिखा जाता है, क्योंकि यह रंग प्रेम का प्रतीक है। 
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- फोटो : Reuters
बैंक की अध्यक्ष गुंजन वार्ष्णेय का कहना है कि खाताधारक के खाते में भगवान राम का दिव्य नाम जमा होता है। यहां अन्य बैंकों की तरह पासबुक भी जारी की जाती है। ये सभी सेवाएं नि:शुल्क दी जाती हैं। इस बैंक में केवल भगवान राम के नाम की ही मुद्रा चलती है। 
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- फोटो : Social Media
गुंजन वार्ष्णेय ने बताया कि राम नाम को 'लिखित जाप' कहा जाता है, जिसे लिखित ध्यान लगाना भी कह सकते हैं। स्वर्णिम अक्षरों को लिखने से अंतरात्मा के पूर्ण समर्पण एवं शांति का बोध होता है। सभी इंद्रियां भगवान की सेवा में लिप्त हो जाती हैं। राम नाम बैंक में लोगों को ब्याज के रूप में आत्मिक शांति मिलती है। इसके सदस्यों के पास एक पुस्तिका होती है, जिसमें वे प्रतिदिन 108 बार 'राम नामट लिखते हैं और पुण्य कमाते हैं। 

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- फोटो : Twitter
सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि इस बैंक में किसी एक धर्म के लोग ही नहीं बल्कि विभिन्न धर्मों को मानने वाले उर्दू, अंग्रेजी और बंगाली में भगवान राम का नाम लिखते हैं। ईसाई धर्म का पालन करने वाले पीटरसन दास (55) वर्ष 2012 से भगवान राम का नाम लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईश्वर एक है, भले ही वह राम हो, अल्लाह हो, यीशु हो या नानक हो।
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- फोटो : Social Media
पांच साल से इस राम नाम बैंक से जुड़े सरदार पृथ्वीपाल सिंह (50) ने कहा कि भगवान राम और गुरू गोविंद सिंह महान थे। उनके विचारों का अनुसरण करना हर मनुष्य का परम कर्तव्य है। कुंभ मेले में राम नाम बैंक में खाता खोलने वालों की भी कतारें देखी जा रही हैं।  
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