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यरुशलम: काफी रोचक और पुराना है इस शहर का इतिहास, तीन धर्मों का है पवित्र स्थल

Thu, 13 May 2021 07:23 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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यरुशलम - फोटो : Pixabay
यरुशलम एक बार फिर तनाव का केंद्र बन गया है। पिछले कई हफ्तों से इस शहर में फिलिस्तीन प्रदर्शनकारियों और इस्रायल के सुरक्षा बलों के बीच टकराव जारी है। इस्रायल की राजधानी यरुशलम एक नहीं बल्कि तीन-तीन धर्मों का पवित्र स्थल है। लेकिन इस्राइलियों और फिलिस्तीनियों के बीच यरुशलम को लेकर विवाद भी काफी पुराना है। इस्राइल और फिलिस्तीन दोनों यरुशलम को अपनी राजधानी होने का दावा करते हैं। बता दें कि यरुशलम एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल भी है, जहां हर साल दुनियाभर से लाखों लोग आते हैं।
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यरुशलम - फोटो : सोशल मीडिया
यरुशलम यहूदी धर्म, ईसाई धर्म और इस्लाम धर्म तीनों की ही पवित्र नगरी है। इतिहास गवाह है कि यह शहर प्राचीन यहूदी राज्य का केंद्र और राजधानी रहा है। यहीं पर यहूदियों का पवित्र सोलोमन मंदिर हुआ करता था, जिसे रोमनों ने नष्ट कर दिया था। बाइबिल में इसका उल्लेख प्रथम मंदिर के रूप में मिलता है। माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 10वीं शताब्दी ईसा पूर्व में हुआ था। इस मंदिर के अवशेष आज भी वहां मौजूद हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
यरुशलम ही वो शहर है, जहां ईसा मसीह की मौत हुई थी यानी उन्हें सूली पर चढ़ाया गया था और यहीं से वो अवतरित भी हुए थे। ईसा मसीह का मकबरा 'द चर्च ऑफ द होली सेपल्कर' के भीतर है। दुनियाभर के करोड़ों ईसाइयों के लिए ये धार्मिक आस्था का मुख्य केंद्र हैं। हर साल लाखों लोग ईसा मसीह के मकबरे पर आकर प्रार्थना करते हैं।

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यरुशलम - फोटो : Pixabay
इस शहर में 150 से ज्यादा गिरजाघर और 70 से ज्यादा मस्जिदें स्थित हैं। इन गिरजाघरों और मस्जिदों के अलावा भी यहां देखने लायक बहुत कुछ है। जैसे कि- द इजरायल म्यूजियम, याद भसीम, नोबेल अभ्यारण, कुव्वत अल सकारा, मुसाला मरवान, सोलोमन टेंपल, वेस्टर्न वॉल, डेबिड्स गुंबद आदि। ये यहां के प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं।
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यरुशलम - फोटो : सोशल मीडिया
यरुशलम में ही प्राचीन अल अक्सा मस्जिद है। इसी मस्जिद से इस्लाम धर्म की उत्पति मानी जाती है। माना जाता है कि इसी स्थान से इस्लाम धर्म के पैंगम्बर मुहम्मद स्वर्ग के लिए प्रस्थान किए थे। इस मस्जिद का उल्लेख कुरान शरीफ में भी मौजूद है। इस पवित्र स्थल में हर दिन हजारों की संख्या में लोग आते हैं और प्रार्थना करते हैं।
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