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Japan: नौ दिन बाद जाग गया जापान का SLIM मून लैंडर, चांद पर शुरू किया ऑपरेशन, जानिए क्या करेगा काम

Mon, 29 Jan 2024 03:15 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
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नौ दिन बाद जाग गया जापान का स्लिम मून लैंडर - फोटो : JAXA
Japan Slim Mission: जापान का मून लैंडर SLIM अब जा चुका है। जापान की अंतरिक्ष एजेंसी JAXA ने सोमवार को यह बड़ी खुशखबरी दी। एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी ने बताया कि एक सप्ताह से अधिक समय बाद उसका SLIM स्पेसक्राफ्ट काम करने लगा है। स्पेसक्राफ्ट ने अपनी बिजाली चालू कर ली है। SLIM ने चांद पर 19 जनवरी 2024 को सॉफ्ट लैंडिंग की थी, जो अब तक का सबसे सटीक था। उसने अपने लक्ष्य से सिर्फ 55 मीटर दूर सॉफ्ट लैंडिंग की थी। इस चांद पर दुनिया का सबसे सटीक सॉफ्ट लैंडिंग कहा गया। हालांकि सोलर पैनल्स की दिशा सूरज की तरफ नहीं थी, जिसकी वजह से वह नहीं हो रहा था। चंद्रमा पर अंतरिक्ष यान उतारने वाला जापान पांचवां देश बन गया है। 

जापान की अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि आखिरकार 10 दिन बाद जब सूरज की रोशनी की दिशा में बदलाव हुआ, तो सोलर पैनल्स चार्ज होने लगे। इससे अंतरिक्ष यान स्लिम को काफी ऊर्जा मिली। इसके बाद जापान की अंतरिक्ष एजेंसी JAXA ने स्लिम के साथ संपर्क स्थापित कर लिया। अब जापान स्लिम के साथ लगातार एक्टिव मोड में संचार कर रहा है। SLIM का मतलब है स्मार्ट लैंडर फॉर इन्वेस्टिगेटिंग मून मिशन( Smart Lander for Investigating Moon)। 
 
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नौ दिन बाद जाग गया जापान का स्लिम मून लैंडर - फोटो : JAXA
इससे पहले 24 जनवरी को SLIM की चांद की सतह से पहली तस्वीर सामने आई थी, जो एक ऐतिहासिक फोटो थी। स्लिम के साथ गए LEV-2 रोवर ने उसकी यह फोटो खींची थी। अब सामने आई नई फोटो से यह सबूत मिल गया है कि जापान ने चांद की सतह पर विज्ञान और तकनीक के झंडे गाड़ दिए हैं। 

 
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नौ दिन बाद जाग गया जापान का स्लिम मून लैंडर - फोटो : JAXA
तस्वीर में नजर आ रहा है कि स्लिम लैंडर अपने लक्ष्य से 55 मीटर दूर जरूर गया, लेकिन लैंडिंग सटीक हुई। सतह ढलान वाली होने की वजह से मुंह के बल गिरा। थ्रस्टर्स ऊपर उठते नजर आ रहे हैं। सोलर पैनल्स सूरज की दिशा से उल्टी दिशा में थे। लैंडिंग के बाद अंतरिक्ष एजेंसी ने उसकी बैटरी को बंद कर दिया था। ऐसा इसलिए किया था कि बाद में इस्तेमाल किया जा सके। 

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नौ दिन बाद जाग गया जापान का स्लिम मून लैंडर - फोटो : JAXA
तस्वीर में आप देख सकते हैं सोने के कवर से ढका स्लिम मून लैंडर चांद की ग्रे मिट्टी वाली सतह पर पड़ा हुआ है। स्लिम के साथ जाने वाला लूनर एक्सप्लोरेशन व्हीकल (LEV-2) अकेला रोवरे नहीं हैं। इसके साथ एक और रोवर को भेजा गया है। जापान को उम्मीद थी वह कि चांद पर मौजूद SLIM को जगा लेगा। लैंडिंग के बाद उसके सोलर पैनल उसको ऊर्जा देने में फेल रहे, जिसकी वजह से वह बिजली नहीं पैदा कर पा रहा था।

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नौ दिन बाद जाग गया जापान का स्लिम मून लैंडर - फोटो : JAXA
क्या करेगा  SLIM?

स्लिम चांद की सतह पर मौजूद ओलिवीन पत्थरों की जांच पड़ताल करेगा। इसके बाद चांद की उत्पत्ति के बारे में पता चला सकेगा। जापानी अंतरिक्ष एजेंसी JAXA ने बताया कि यान ने सटीक लैंडिंग की, क्योंकि जापान का लक्ष्य था कि लैंडिग साइट के 100 मीटर दायरे में ही उसका स्पेसक्राफ्ट लैंड करे और उसने यह सफलता हासिल कर ली। 
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