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भारत में ऐसा है गुफाओं का महत्व, इसलिए पीएम मोदी पहुंचे केदारनाथ धाम की रुद्र गुफा

Sat, 18 May 2019 02:51 PM IST
गौरव शुक्ला फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बेहद रोचक है गुफाओं का रहस्य - फोटो : Self
गुफाओं में ध्यान करना मनीषियों, ऋषि-मुनियों साधकों को हमेशा से प्रिय रहा है। आज भी साधक उतर भारत हिमालय आदि के कंदराओं में ध्यान मग्न रहते हैं। लोकसभा चुनाव 2019 का प्रचार अभियान खत्म हो गया है। चुनाव प्रचार समाप्त होते ही पीएम मोदी भगवान शिव के 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक बाबा केदारनाथ धाम पहुंचे हैं। पीएम मोदी भी केदारनाथ धाम में 12000 फीट पर गुफा में शिव साधना करेंगे और कल (19 मई) बदरीनाथ के दर्शन करेंगे। आप भी जानिए आखिर प्राचीन भारत में गुफाओं का क्या महत्व है?  
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history of Cave - फोटो : Facebook
पहला तो यह कि पहाड़ों में गुफा के अंदर एकांत और शांत वातावरण मिलता है, जिससे साधक अपने आप को प्रकृति से बहुत ही जल्द जोड़ लेता है। दूसरा नाद अनुसंधान में गुफा में ध्यान लगाना और नाद पर ध्यान केंद्रित करना बहुत ही आसान हो जाता है। अगर गुफा के अंदर नाद अनुसंधान किया जाए तो बगैर किसी बाहरी बाधा के सीधे नाद श्रवण किया जा सकता है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : File Photo
तीसरा ध्यान करते हुए आपके शरीर से जो ध्यान में सहायक ऊर्जा निकलती है वह गुफा में स्टोर हो जाती है, गुफा उसे बाहरी वातावरण में लीन नहीं होने देती। तो संग्रहित ऊर्जा जब आप दुबारा ध्यान लगाते हैं तो आपके लिए सहायक हो जाती है जो की आप ही की ऊर्जा है और आपका ध्यान में प्रवेश शीघ्र हो जाता है। इसलिए कई बार किसी अन्य के द्वारा प्रयोग की गई गुफा में अगर कोई प्रथम बार भी ध्यान लगाता है तो सहजता से आलौकिक अनुभति प्राप्त करता है क्योंकि उस गुफा में किसी दूसरे के द्वारा छोड़ी गई सकारात्मक ऊर्जा मौजूद रहती है।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : File Photo
एक आलौकिक बात जो कई अन्य साधकों के अनुभव हैं और सत्य भी हैं। जब कोई व्यक्ति या साधक किसी गुफा की तलाश कर उसे अपनी साधना स्थली बनाता है तो उसे यह भी महसूस होता है कि उसके साथ गुफा में उसके अलावा भी कोई है। कई बार वैसे गुफाओं में जरूरत के सामान खाद्य सामाग्री आदि स्वत: प्राप्त हो जाते हैं। मतलब यह हुआ कि उस गुफा में साधक के अलावा भी कोई और सिद्ध पुरुष साधना कर रहा होता है अदृश्य रूप से। 'लिविंग विथ हिमालयन मास्टर' के लेखक सिद्ध संत स्वामी राम ने ऐसी घटनाओं का वर्णन अपने पुस्तक में किया है ।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : File Photo
एक ओर गुफा में साधना करने के लाभ हैं तो दूसरी ओर कुछ परेशानियां भी हैं। जैसे गुफाओं में सांप-बिच्छुओं का भी खतरा होता है। ऐसे में साधक दो बातों का सहारा लेता है या तो गुफा को पूर्ण रूप से साफ सुथरा करता रहता है या तो साधक जंगली जीव जंतुओं बिच्छू आदि को दूर रखने के लिए साबर मंत्रों का प्रयोग भी करते हैं। 
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केदारनाथ धाम में प्रधानमंत्री मोदी - फोटो : एएनआई
बता दें कि पीएम मोदी ने योग और अध्यात्म की इस जमीं पर हिमालय की कंदराओं में 33 साल पहले भी साधना की थी। इस बार केदारनाथ धाम में रुद्र नाम की गुफा में पीएम मोदी साधना करने के लिए पहुंचे हैं। इस साल महाराष्ट्र के जय शाह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुफा में रुकने वाले दूसरे मेहमान होंगे। पीएम मोदी जिस रुद्र गुफा में साधना के लिए पहुंचे हैं यह गुफा प्राकृतिक नहीं भूमिगत है। इस गुफा में योग, ध्यान और आध्यात्मिक शांति के लिए सभी सुविधाएं जुटाई गई हैं। गुफा में टॉइटल, बिजली और टेलिफोन जैसी आधुनिक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है। कल (19 मई) बदरीनाथ के भी दर्शन करेंगे। 
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भगवान केदारनाथ की पूजा करते पीएम मोदी - फोटो : ANI
बतौर प्रधानमंत्री पहली बार मोदी 3 मई 2017 को केदारनाथ गए थे, उसके बाद 20 अक्टूबर 2017 और 7 नवंबर 2018 को भी पीएम ने शिव साधना की थी। प्रधानमंत्री का पिछले दो साल में केदारनाथ का यह चौथा दौरा है। लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण के लिए 19 मई यानी कल वोटिंग भी है। 19 मई को जिन 59 सीटों पर वोटिंग है, उसमें पीएम का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी शामिल है। लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे 23 मई को आएंगे। 
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