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पाकिस्तान में भी मौजूद है देवी का शक्तिपीठ, हिंदू के साथ मुसलमान भी टेकते हैं मत्था

Sat, 24 Oct 2020 05:00 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हिंगलाज मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया
भले ही वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का नवरात्रि पर प्रभाव पड़ा है, लेकिन लोगों में उत्साह कम नहीं हुआ है। तमाम तरह की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए देवी मां का पूजन किया जा रहा है। भारत में देवी के कई मशहूर और सिद्ध शक्तिपीठ हैं, लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि पाकिस्तान में भी देवी का शक्तिपीठ है। इस मंदिर में केवल हिंदू ही नहीं मुस्लिम लोग भी मत्था टेकते हैं।
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हिंगलाज मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित यह पवित्र मंदिर हिंगलाज माता का मंदिर के तौर पर जाना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, जब भगवान शिव माता सती की लाश अपने गोद में लिए थे, उस समय विष्णु भगवान ने सती माता का सिर काटने के लिए चक्र फेंका था। उस चक्र ने सीधे जाकर सती माता का सिर काट दिया। कटने के बाद माता सती का सिर सीधे आकर पृथ्वी पर गिरा। कहा जाता है कि पृथ्वी पर माता का सिर इसी जगह पर गिरा था। बाद में इसे हिंगलाज माता के मंदिर के नाम से जाना जाने लगा।
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हिंगलाज मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया
हिंगलाज मंदिर पाकिस्तान के बलूचिस्तान से 120 किलोमीटर की दूरी पर हिंगुल नदी के तट पर स्थित है। देवी के कुल 51 शक्तिपीठों में इस जगह का भी नाम शामिल है। पाकिस्तान बंटवारा से पहले भारत की पश्चिमी सीमा अफगानिस्तान और ईरान तक थी। उस समय हिंगलाज मंदिर हिंदूओं का प्रमुख तीर्थ स्थान हुआ करता था।

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हिंगलाज मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि बलूचिस्तान के मुसलमान भी हिंगला देवी की पूजा करते थे। मुस्लिम समुदाय के लोग हिंगलाज माता को नानी कहकर लाल कपड़ा, अगरबत्ती, मोमबत्ती, इत्र-फलुल और सिरनी चढ़ाते थे। हिंदूओं के लिए शक्तिपीठ होने के साथ-साथ यह स्थान मुसलमानों के लिए यह 'नानी पीर' का स्थान है।
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हिंगलाज मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया
नवरात्रि के समय इस मंदिर में मेला लगता है, जहां हजारों की संख्या में हिंदू और मुसलमान आते हैं। सिंधी समुदाय के लोगों को इस मंदिर के प्रति काफी आस्था है। हिंगलाज माता का मंदिर छोटी सी गुफा में बना हुआ है, जिसमें एक छोटे आकार की शिला को ही हिंगलाज माता के रूप के में पूजा जाता है।
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