हिंगलाज मंदिर
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बता दें कि बलूचिस्तान के मुसलमान भी हिंगला देवी की पूजा करते थे। मुस्लिम समुदाय के लोग हिंगलाज माता को नानी कहकर लाल कपड़ा, अगरबत्ती, मोमबत्ती, इत्र-फलुल और सिरनी चढ़ाते थे। हिंदूओं के लिए शक्तिपीठ होने के साथ-साथ यह स्थान मुसलमानों के लिए यह 'नानी पीर' का स्थान है।