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अजब-गजब: उत्तराखंड में मिलीं उड़ने वाली गिलहरियों की एक-दो नहीं बल्कि पांच प्रजातियां, जानिए इनके बारे में हैरान करने वाली बातें

Thu, 09 Dec 2021 02:01 PM IST
आशिकी पटेल फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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उत्तराखंड में मिली उड़ने वाली गिलहरियां - फोटो : istock
गिलहरी इस धरती के सबसे प्यारे और नटखट जीवों में से एक है। इस जीव को जमीन पर तेजी से भागते, उछल-कूद करते और पेड़ों पर चढ़ते हुए सबने देखा होगा। लेकिन क्या आप किसी उड़ती हुई गिलहरी के बारे में जानते हैं? शायद नहीं जानते होंगे, मगर ये सच है। दुनिया में ऐसी भी गिलहरियां पाई जाती हैं, जो उड़ सकती हैं। हाल ही में उत्तराखंड के जंगलों में ऐसी ही उड़ने वाली गिलहरियां मिली हैं। 

सबसे हैरानी की बात ये है कि इन जंगलों में एक या दो नहीं बल्कि पांच प्रजातियों की उड़ने वाली गिलहरियां मिली हैं। उत्तराखंड वन विभाग के रिसर्च विंग द्वारा की गई स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है। स्टडी में इस बात पर खुलासा हुआ है कि उत्तराखंड में पांच अलग-अलग प्रजातियों की उड़ने वाली गिलहरियां मौजूद हैं। आइये आपको बताते हैं उड़ने वाली इन गिलहरियों के बारे में कुछ हैरान करने वाली बातें... 
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उत्तराखंड में मिली उड़ने वाली गिलहरियां - फोटो : istock
उत्तराखंड वन विभाग में रिसर्च विंग के चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट संजीव चतुर्वेदी के मुताबिक उड़ने वाली गिलहरियों पर करीब दो साल तक स्टडी चली है। इस स्टडी का मुख्य उद्देश्य ये पता करना था कि उत्तराखंड में कितने प्रकार की उड़ने वाली गिलहरियां पाई जाती हैं। साथ ही वो कैसे रहती हैं, उन्हें कितना खतरा है, उन्हें बचाने के लिए क्या किया जा सकता है, ऐसी ही कई बातों पर स्टडी हुई है। 
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उत्तराखंड में मिली उड़ने वाली गिलहरियां - फोटो : istock
उत्तराखंड में गिलहरियों की उड़ने वाली जो पांच प्रजातियां मिली हैं, उनका नाम- रेड जायंट, व्हाइट बेलीड, इंडियन जायंट, वूली, स्मॉल कश्मीरी फ्लाइंग स्किवरल है। ये गिलहरियां अलग-अलग इकोसिस्टम में रहती हैं। साथ ही इनके रहने, खान-पान और लंबी छंलाग यानी उड़ान में थोड़ा-थोड़ा बदलाव है। 

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उत्तराखंड में मिली उड़ने वाली गिलहरियां - फोटो : istock
संजीव चतुर्वेदी का कहना है कि स्टडी से हम कई तरह की नीतियां और नियम बना सकते हैं ताकि इन सुंदर और दुर्लभ जीवों को बचाया जा सके। चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट के मुताबिक दो साल तक चली स्टडी को उत्तराखंड के 6 अलग-अलग जगहों में पूरा किया गया है। ये हैं- उत्तरकाशी, रानीखेत, देवप्रयाग, चकराता और पिथौरागढ़ जिला।  
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उत्तराखंड में मिली उड़ने वाली गिलहरियां - फोटो : istock
बात करें इन गिलहरियों की तो इनके अगले और पिछले पैर के बीच हल्के और पतले मांसपेशियों की झिल्ली जैसी होती है। इस झिल्ली को ये गिलहरियां तब खोलती हैं जब इन्हें एक पेड़ से नीचे कूदना होता या फिर ऊंचाई से छलांग लगानी होती है। सबसे बड़ी बात कि इन झिल्लियों की वजह से गिलहरियां हवा में गोते लगाते हुए अपने लक्ष्य तक पहुंच जाती हैं। 
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