दुनिया में न जानें कितनी तरह की जनजातिया हैं जो आज भी पिछड़ी हुई है। जिनकी अपनी एक अलग ही परंपरा है। इन परंपराओं के बारे में जानकर आप भी विश्वास नहीं कर पाएंगे कि दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी जीते हैं। हम बात कर रहे हैं इथोपिया की एक जनजाति की, जहां के लोगों का रहन सहन, पहनावा, खान पान और परंपराएं सब कुछ बेहद ही अजीब हैं।
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एक खास तरह की सेरेमनी में इथोपियन महिलाएं कोड़े से मार खाती हैं, उनका ये मानना है कि कोड़े से मार खाना और शरीर पर जख्म बनाना उनके लिए किसी आशीर्वीद से कम नहीं होता है। इस जनजाति का नाम है "हैमर"। हैमर जनजाति के पुरुषों का मानना है कि कोड़े मारने से महिलाओं के प्रेम करने की क्षमता बढ़ती है।
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इस सेरेमनी में हजारों इथोपियन महिलाएं और पुरुष आते हैं। सेरेमनी के बाद विवाह का प्रस्ताव रखा जाता है। इस खास तरह की सेरेमनी में जो महिला सबसे ज्यादा घाव सहती है, उसका विवाह सबसे नौजवान पुरुष से होता है।
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इस खास तरह की परंपरा को 'यूकुली बुला' नाम दिया गया है। इस सेरेमनी में महिलाएं पुरुषों से कोड़े खाने के लिए खुद आग्रह करती हैं। इस सेरेमनी में विधवा महिला भी हिस्सा लेती है ताकि वो अपने बलिदान को दिखा कर अपना साथी चुन सके।
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हैमर जनजाति की इन फोटोज को जर्मी हंटर ने लिया है, उनसे बात चीत में वहां की महिलाओं ने कहा कि कोड़े खाना हमारा सौभाग्य है। हालांकि कुछ घाव बहुत डरावने और ज्यादा तेज होते हैं लेकिन हम फिर भी इसे खुशी खुशी स्वीकार करते हैं।
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इन घावों को भरने के लिए चोट वाले हिस्से पर मक्खन लगाते हैं, ताकि घाव जल्दी भरे। यहां की महिलाएं सेरेमनी के समय बकरियों के स्किन से बनी ब्लाउज और स्कर्ट पहनती हैं। उनके 'बाल' ग्रीस और कई तरह के रंगों से सजे होते हैं।