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आखिर दवाइयों के पत्तों पर क्यों बनी होती है लाल रंग की पट्टी? खरीदते समय दें विशेष ध्यान

Thu, 04 Feb 2021 08:57 AM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
हम में से अधिकांश लोग बीमार पड़ने के बाद डॉक्टर के पास जाने के बजाए सीधे मेडिकल स्टोर पर चले जाते हैं और बिना कुछ सोचे-समझे उस बीमारी की दवाइयां खरीद लेते हैं। कभी-कभी तो इन दवाइयों से लोग ठीक हो जाते हैं, लेकिन कई बार इसके गंभीर परिणाम भी भुगतने पड़ जाते हैं। अगर आपने ध्यान दिया होगा, तो देखा होगा कि कई दवाइयों के पत्तों पर लाल रंग की एक पट्टी बनी होती है। लेकिन क्या आपको इस पट्टी का मतलब पता है?
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
लाल रंग की इस पट्टी के बारे में डॉक्टरों को बेहतर पता होता है। लेकिन आम लोगों के पास इसकी कोई खास जानकारी नहीं होती है। ऐसे में लोग बिना डॉक्टरों की सलाह के भी कोई दवाई मेडिकल दुकानों से खरीद लेते हैं और परेशानी का हल निकलने के बजाए परेशानी और बढ़ ही जाती है। इसलिए दवाई खरीदते समय बहुत कुछ ध्यान रखना जरूरी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, दवाइयों के पत्तों पर बनी लाल रंग की पट्टी का मतलब होता है कि डॉक्टर के पर्चे के बिना उस दवाई को ना तो बेचा जा सकता है और ना ही डॉक्टर की सलाह के बिना उसका इस्तेमाल किया जा सकता है। एंटीबायोटिक दवाओं का गलत तरीके से इस्तेमाल रोकने के लिए ही दवाइयों पर लाल रंग की पट्टी लगाई जाती है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
लाल रंग की पट्टी के अलावा दवाइयों के पत्तों पर और भी कई काम की चीजें लिखी होती हैं, जिनके बारे में जानना भी बहुत जरूरी है। कुछ दवाइयों के पत्तों पर Rx लिखा होता है, जिसका मतलब होता है कि उस दवाई को सिर्फ डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
दवाइयों के जिन पत्तों पर NRx लिखा होता है, उसका मतलब होता है कि उस दवाई को लेने की सलाह सिर्फ वहीं डॉक्टर दे सकते हैं, जिन्हें नशीली दवाओं का लाइसेंस प्राप्त है। कुछ दवाइयों के पत्तों पर XRx भी लिखा होता है और इसका मतलब होता है कि उस दवाई को सिर्फ डॉक्टर के पास से ही लिया जा सकता है। इस दवा को डॉक्टर सीधे मरीज को दे सकता है। मरीज इसे किसी मेडिकल स्टोर से नही खरीद सकता है। भले ही उसके पास डॉक्टर द्वारा लिखी पर्ची ही क्यों न हो?
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