फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्यों रात में पंखा चलाकर सोने से हो सकती है मौत? इस देश की परंपरा कर देगी हैरान

Wed, 09 Sep 2026 02:57 PM IST
धर्मेंद्र कुमार सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

दक्षिण कोरिया में मान्यता थी कि रात में पंखा चलाकर सोने से मौत होती है। यह धारणा फैन डेथ नाम से मशहूर थी। आइए जानते हैं इससे जुड़ी कहानी। 
विज्ञापन
1 of 5
क्यों रात में पंखा चलाकर सोने से हो सकती है मौत? इस देश की परंपरा कर देगी हैरान - फोटो : AI
गर्मियों की रात में अगर पंखा ना चले, बेचैनी होने लगती है। भारत में ज्यादातर लोग पंखे के बिना चैन की नींद की कल्पना भी नहीं कर सकते। लेकिन दक्षिण कोरिया में पंखे को लेकर एक अजीबोगरीब मान्यता थी, जिसने लोगों के मन में दहशत पैदा कर दी थी। दक्षिण कोरिया में यह फैन डेथ (Fan Death) के नाम से मशहूर है। इस पुरानी धारणा के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति बंद कमरे में पूरी रात पंखा चलाकर सोता है, तो उसकी मौत हो सकती है। माना जाता था कि लगातार पंख चलने से शरीर के लिए खतरनाक स्थिति पैदा हो सकती है। 

आपको भले ही यह बात सुनने में अजीबोगरीब लगे, लेकिन कई दशकों तक दक्षिण कोरिया में यह मान्यता इतनी मजबूत थी कि लोग रात में पंखा बंद कर सोना जरूरी समझते थे। कुछ लोग तो पंखे में टाइमर लगाकर सोते थे, ताकि वह पूरी रात न चल सके। हालांकि, Fan Death को वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं किया गया है और इसे एक मिथक माना जाता है। इसके बावजूद दक्षिण कोरिया में पंखे से जुड़ी यह मान्यता काफी लंबे समय तक लोगों के बीच चर्चा और डर का विषय बनी रही।
 
विज्ञापन

2 of 5
क्यों रात में पंखा चलाकर सोने से हो सकती है मौत? इस देश की परंपरा कर देगी हैरान - फोटो : Adobe Stock
क्या पंखे से मौत हो सकती है?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर लोगों को क्यों लगता था कि पंखा चलाने से जान लगी जाएगी। इस मान्यता को लेकर अलग-अलग तरह की बातें होती रही हैं। एक मान्यता यह भी थी कि अगर कोई बंद कमरे में पंखा चलाकर सोता है, तो पंखा से कमरे का तापमान इतना कम हो सकता है कि शरीर हाइपोथर्मिया की स्थिति में पहुंच जाए। कुछ लोग यह भी मानते थे कि बंद कमरे में लगातार पंखा चलाने से सांस लेने में दिक्कत हो सकती है और व्यक्ति का दम घुट सकता है। हालांकि, यह बातें वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं हुई हैं कि पंखा चलाकर सोने से किसी स्वस्थ व्यक्ति की मौत हो सकती है। इस मान्यता को मानने के लिए कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। 
 
विज्ञापन

3 of 5
क्यों रात में पंखा चलाकर सोने से हो सकती है मौत? इस देश की परंपरा कर देगी हैरान - फोटो : Adobe Stock
पंखों में टाइमर लगा होता था

दक्षिण कोरिया में यह मान्यता इतनी मजबूत थी कि दुकानों पर बिकने वाले बहुत से पंखों में टाइमर की सुविधा होती है। जब लोग रात में सोने जाते थे, तो पंखे में टाइमर लगा देते थे, जिससे कुछ समय बाद पंखा अपने आप बंद हो जाए। दक्षिण कोरिया में इस मान्यता की वजह से पंखा डर का कारण बन गया था। वर्तमान समय में दक्षिण कोरिया की गिनती सबसे आधुनिक और तकनीकी रूप से विकसित देशों में होती है। अब सवाल है कि वहां के लोगों में ऐसी मान्यता लंबे समय तक कैसी बनी रही। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण कोरिया में 1970 के दशक में Fan Death की रिपोर्ट्स सामने आई थीं। उस समय यह देश ऊर्जा संकट और बढ़ती बिजली की कीमतों जैसी समस्याओं का सामना कर रहा था।

घायल तेंदुए ने रेस्क्यू के दौरान बदला मिजाज, अधिकारी पर झपटा खूंखार जानवर, देखें वीडियो

4 of 5
क्यों रात में पंखा चलाकर सोने से हो सकती है मौत? इस देश की परंपरा कर देगी हैरान - फोटो : Adobe Stock
धीरे-धीरे लोगों में यह बात फैलने लगी रात में पंखा चलाकर सोने पर मौत हो सकती है। कुछ लोग यह भी मानने लगे कि पंखा से कमरे की हवा में ऐसा बदलाव होता है कि इंसान की सांसें रुक सकती हैं। कुछ धारणों में यह भी कहा गया कि लगातार ठंडी हवा से शरीर तापमान खतरानक रूप से कम हो सकता है। इस दौराम मीडिया में पंखे से जुड़ी मौतों की खबरें आने लगीं। माना जाता है कि इस तरह की खबरों और सरकारी स्तर पर बिजली बचाने की कोशिशों से इस डर को और मजबूती मिली।

वायरल वीडियो- कोबरा को गले से पकड़कर काबू में करने लगा शख्स, फिर जो हुआ देखकर खड़े हो जाएंगे रोंगटे 

विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
क्यों रात में पंखा चलाकर सोने से हो सकती है मौत? इस देश की परंपरा कर देगी हैरान - फोटो : Adobe Stock
क्या सरकार की तरफ से फैलाई गई दहशत?

सीधे तौर पर इस दावे को साबित नहीं किया जा सका कि सरकार ने Fan Death की कहानी बनाई। रिपोर्ट में यह बात जरूर कही गई है कि 1970 के दशक में 
ऊर्जा संकट के समय सरकारी प्रचार और मीडिया रिपोर्टिंग की इस डर को बढ़ाने में भूमिका हो सकती है। उस समय बिजली की बचत करना बड़ी जरूरत थी। ऐसे में पूरी रात पंखा चलाने की आदत को कम करने के लिए इससे संबंधित डर और खबरें लोगों की सोच को प्रभावित करने में बड़ी भूमिका निभा सकती थीं। वैज्ञानिक जानकारी और इंटरनेट की दुनिया में युवा इस मान्यता पर सवाल खड़े कर रहे हैं। लोगों को समझने लगे हैं कि पंखे से किसी मौत नहीं हो सकती है। जिसे पहले कई लोग गंभीरता से लेते थे, अब उसी पर युवा सवाल खड़े कर रहे हैं। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें