Water on Moon: भारत ने चंद्रयान-3 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतारकर इतिहास रच दिया। चंद्रयान-3 ने चांद के कई रहस्यों से पर्दा उठाए हैं। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो एक बार फिर अब विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के कई ऐसे क्रेटर हैं, जहां पर सूरज का प्रकाश नहीं पहुंचता है। अभी तक के मिले डाटा से पता चलता है कि इन क्रेटर यानी गड्ढों में पानी हो सकता है। यह पानी बर्फ के रूर में मौजूद है।
हालांकि एक नए शोध में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस शोध के मुताबिक, संभावना है कि इनके अंदर पहले की तुलना में पानी कम हो। यह स्थायी रूप से छाए वाले इलाके कहे जाते हैं। भविष्य में इन गड्ढों के पास कई मिशन उतरेंगे, क्योंकि माना जाता है कि इनके अंदर बर्फ है। अंतरिक्ष यात्री इसका इस्तेमाल भविष्य के मिशन के दौरान करेंगे।