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अजब-गजब: 120 साल से लगातार जलने वाला बिजली का बल्ब, जो अभी तक नहीं हुआ फ्यूज

Sun, 06 Jun 2021 07:00 AM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सेंटेनियल लाइट बल्ब - फोटो : सोशल मीडिया
बिजली से जलने वाले बल्ब का अविष्कार थॉमस अल्वा एडिसन ने किया था। लेकिन एडिसन से काफी पहले वैज्ञानिक और शोधकर्ता परंपरागत लैंप की जगह बिजली से जलने वाले लैंप की खोज में लग गए थे। 19वीं सदी में ही आविष्कारकों ने रोशनी के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक माध्यम की तलाश के लिए काफी काम किया। उन सबके कामों के आधार पर ही एडिसन ने लाइट बल्ब का संशोधित रूप विकसित किया और उसका पेटेंट कराया। आज बाजार में कई तरह के बल्ब मौजूद हैं। कई कंपनियां ऐसी हैं, जो अपने बल्ब पर एक या दो साल की गारंटी देती हैं। हालांकि, ऐसा बहुत कम ही होता है कि कोई बल्ब लगातार दो-तीन साल तक जलता रहे। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे बल्ब के बारे में बताएंगे, जो एक-दो साल नहीं, बल्कि 120 साल से लगातार जल रहा है। ये बल्ब आजतक फ्यूज नहीं हुआ है। इतना ही नहीं कुछ लोग तो अब इस बल्ब को चमत्कार मानने लगे हैं।

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सेंटेनियल लाइट बल्ब - फोटो : सोशल मीडिया
कैलिफोर्निया के लिवरमोर शहर के दमकल केंद्र में लगे इस अजूबे बल्ब को सेंटेनियल नाम से जाना जाता है। इस बल्ब को शेल्बी इलेक्ट्रॉनिक कंपनी ने बनाया था और इसे साल 1901 में पहली बार जलाया गया था। तब से लेकर आज तक यह बल्ब जल ही रहा है।
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सेंटेनियल लाइट बल्ब - फोटो : सोशल मीडिया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 1937 में बिजली का तार बदलने के लिए इस बल्ब को पहली बार बंद किया गया था और तार बदलने के बाद उसे फिर से जला दिया गया था। आपको बता दें कि इस बल्ब का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। इस बल्ब की निगरानी सीसीटीवी कैमरे से की जाती है।

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सेंटेनियल लाइट बल्ब - फोटो : सोशल मीडिया
चार वॉट बिजली से जलने वाला ये सेंटेनियल बल्ब 24 घंटे जलता रहता है। साल 2001 में इस बल्ब का 100वां जन्मदिन काफी धूमधाम से मनाया गया था, जिसमें संगीत पार्टी का भी आयोजन किया गया था।
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सेंटेनियल लाइट बल्ब - फोटो : सोशल मीडिया
इस अनोखे बल्ब को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। दमकल केंद्र में कभी-कभी इतनी भीड़ हो जाती है कि लगता है कि वो कोई म्यूजियम हो। हालांकि, साल 2013 में यह बल्ब अपने आप बंद हो गया था, तब लोगों को लगा था कि शायद बल्ब फ्यूज हो गया, लेकिन जब जांच की गई तो तार में खराबी निकली। इसके बाद तार को फिर से बदल दिया गया और बल्ब फिर जलने लगा।
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