दुनियाभर में कीड़े-मकौड़े की ऐसी कई प्रजातियां हैं, जिन्हें लोग बड़े चाव से खाते हैं। लेकिन आज हम जिस कीड़े के बारे में बताने जा रहे हैं, वो बाकी कीड़ों से बिल्कुल अलग है। अलग इसलिए है, क्योंकि इसका इस्तेमाल जड़ी-बूटी की तरह किया जाता है। यह कीड़ा भूरे रंग का होता है और दो ईंच तक लंबा होता है। इसकी सबसे खास बात ये है कि कि इसका स्वाद मीठा होता है। यह हिमालयी क्षेत्रों में तीन से पांच हजार मीटर की ऊंचाई पर पाया जाता है।
हिमालय की खूबसूरत वादियों में पाए जाने वाले इस कीड़े के कई नाम हैं। भारत में इसे 'कीड़ा जड़ी' के नाम से जाना जाता है जबकि नेपाल और चीन में इसे 'यार्सागुम्बा' कहते हैं। वहीं तिब्बत में इसका नाम 'यार्सागन्बू' है। इसके अलावा इसका वैज्ञानिक नाम 'ओफियोकोर्डिसेप्स साइनेसिस' है जबकि अंग्रेजी में इसे 'कैटरपिलर फंगस' कहते हैं, क्योंकि यह फंगस (कवक) की प्रजाति से ही संबंध रखता है।