आयलिन लिम
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प्रस्तावित नियमों के खिलाफ अभियान में शामिल होने वाली 18 साल की आयलिन लिम कहती हैं कि वो विक्टिम-ब्लेमिंग की कंबोडियाई संस्कृति को सबके सामने लाना चाहती हैं। वो कहती हैं, "अगर ये (कानून) पारित हो जाता है, तो इस धारणा को मजबूती मिलेगी कि यौन उत्पीड़न के अपराधी बच सकते हैं और कि इसमें उनकी गलती नहीं है।"
आयलिन लिम ये भी कहती हैं, "कंबोडिया में बड़े होते वक्त मुझे हमेशा यही कहा गया कि मैं रात 8 बजे तक घर आ जाऊं और अपना ज्यादा बदन ना दिखाऊं।" मसौदा विधेयक में कपड़ों से जुड़े नियमों को लेकर सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा की जा रही है, लेकिन सामाजिक कार्यकर्ता मसौदा विधेयक के दूसरे पहलुओं पर भी चिंता जताते हैं।