फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दूल्हे ने दहेज लेने से किया मना तो ससुराल वालों ने दे दी ये...अब खुशी से फूले नहीं समा रहा शख्स

Fri, 24 May 2019 07:34 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
दहेज प्रथा भले ही एक कानूनन अपराध हो, लेकिन हमारे समाज यह अभी भी धड़ल्ले से चलता है। भारत में शायद ही ऐसा कोई कोना हो, जहां शादियों में दहेज न लिया जाता हो। हालांकि समाज में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो दहेज के सख्त खिलाफ हैं। एक ऐसा ही मामला पश्चिम बंगाल के मिदनापुर से सामने आया है। 
विज्ञापन

2 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : File photo
यहां शख्स ने अपनी शादी में दहेज लेने से मना कर दिया, जिसके बाद ससुराल वालों ने उसे कुछ दे दिया कि वो अब खुशी के मारे फूले नहीं समा रहा है। इस शादी की चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है।   
विज्ञापन

3 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : File photo
दरअसल, सूर्यकांत बरीक पेशे के एक शिक्षक हैं। उनकी शादी पूर्वी मिदनापुर की रहने वाली प्रियंका बेज से हुई है। उनका कहना है कि जब वो शादी करने के लिए विवाह स्थल पर पहुंचे तो वहां ससुराल वालों ने उन्हें दहेज के रूप में कुछ ऐसा दे दिया, जिसे पहले तो देखकर वो चौंके, फिर बाद में बहुत खुश हुए। 

4 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
सूर्यकांत ने अपनी शादी में दहेज न लेने की शर्त रखी थी। उनकी पत्नी प्रियंका का कहना है कि उन्हें ऐसी शादी में यकीन नहीं है, जिसमें दहेज लिया-दिया जाए। उन्होंने खुशी जताई है कि उनके पति भी दहेज प्रथा के खिलाफ हैं। 
विज्ञापन

5 of 6
शादी में गिफ्ट मिली किताबें - फोटो : Social media
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दूल्हा बने सूर्यकांत को उनके ससुराल वालों ने दहेज के रूप में एक लाख रुपये की एक हजार किताबें दी हैं। इनमें बेहतरीन किताबों का खास कलेक्शन है, जिसमें रबींद्रनाथ टैगोर, बंकिम चंद्र चटर्जी और शरत चंद्र चटोपाध्याय जैसे देश के नामी बंगाली लेखकों के अलावा हैरी पॉटर जैसी किताबें भी शामिल हैं। इन किताबों को 150 किलोमीटर दूर से खासतौर पर मंगाया गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : File photo
खास बात ये भी है कि शादी में आने वाले मेहमानों से भी अपील की गई थी कि वो कोई भी कीमत चीज गिफ्ट न लाएं, बल्कि इसके बदले में वो भी दूल्हा-दुल्हन को किताबें ही गिफ्ट करें। सूर्यकांत का कहना है कि उन्हें गिफ्ट में इतनी किताबें मिली हैं कि वो उससे एक लाइब्रेरी भी खोल सकते हैं। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें