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अंतिम संस्कार की ये अजीबोगरीब परंपराएं होश उड़ा देंगी आपके, यहां तो गिद्धों को खिला दिया जाता है शव

Fri, 14 Jun 2019 08:02 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अंतिम संस्कार की अजीबोगरीब परंपराएं - फोटो : Social media
हिंदू धर्म में मौत के बाद इंसान को जलाने की परंपरा है जबकि मुस्लिम धर्म में शवों को दफना दिया जाता है, लेकिन क्या कभी आपने ऐसी किसी परंपरा के बारे में सुना है जिसमें शवों को गिद्धों को खिला दिया जाता हो। ये कोई कहानी नहीं है बल्कि ये एक ऐसा रिवाज है जो आज भी समाज में प्रचलन में है। 
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अंतिम संस्कार की अजीबोगरीब परंपराएं - फोटो : Social media
चीन और फिलीपींस में कई जगहों पर इंसान की मौत के बाद उनके शवों को ताबूत में रखकर ऊंचे चट्टानों पर लटका दिया जाता है। ऐसा करने के पीछे मान्यता है कि इससे मृतक की आत्म सीधे स्वर्ग में पहुंच जाती है। 
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अंतिम संस्कार की अजीबोगरीब परंपराएं - फोटो : Social media
इंडोनेशिया के बाली में मृतक को जीवित की तरह माना जाता है। कहा जाता है कि वह अभी सो रहा है। यहां इंसान की मौत पर आंसू बहाने की भी मनाही है। 

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अंतिम संस्कार की अजीबोगरीब परंपराएं - फोटो : Social media
दक्षिणी मैक्सिको के मायन में अधिकतर वर्गों में मृत व्यक्ति को घर में ही दफन करने की परंपरा है। ऐसा करने के पीछे मान्यता है कि इस तरह से उनका प्रिय उनके करीब ही रहता है। हालांकि इसकी एक वजह गरीबी भी बताई जाती है। चूंकि उनके पास इतने पैसे नहीं होते हैं कि वो मृतक का अंतिम संस्कार कर सकें, इसलिए वो घर में ही गड्ढा खोदकर मृतक को दफना देते हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : File photo
वियतनाम में कई जगहों पर यह परंपरा है कि इंसान की मौत के बाद उसका बड़ा बेटा या बेटी उसके सारे कपड़े उतारता है और उन्हें हवा में लहराता है। इसके बाद मृतक की आत्मा को पुकारा जाता है, ताकि वो फिर से मृतक के शरीर में प्रवेश कर सके। 
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अंतिम संस्कार की अजीबोगरीब परंपराएं - फोटो : Social media
तिब्बत के बौद्ध समुदाय में ये परंपरा है कि इंसान की मौत के बाद उसके शव के छोटे-छोटे टुकड़े कर उन्हें गिद्धों को खिला दिया जाता है। यहां यह परंपरा हजारों सालों से चली आ रही है, जिसे नियिंगमा परंपरा (स्काई बुरियल) कहा जाता है। ऐसा करने के पीछे मान्यता है कि मृत व्यक्ति के शव को अगर गिद्ध खाएं तो उनकी उड़ान के साथ उस व्यक्ति की आत्मा भी स्वर्ग में पहुंच जाती है।  
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