Birds Commit Suicide: भारत की आत्मा गांव में बसती है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने यह बात कही थी। शहर में कितने भी सुख सुविधाओं के संसाधन हो, लेकिन किसी भी इंसानों को गांव में जाने पर ही सुकून मिलता है। गांव के पेड़ों की ठंडी छांव में जो बात है, वो एसी में नहीं है। असम का एक ऐसा गावं है, जहां इसानों को भले ही सुकून मिलता हो, लेकिन यहां आकर पक्षी आत्महत्या कर लेते हैं। आज तक इस रहस्य का पता नहीं लग पाया है कि आखिर इस गांव में क्यों पक्षी आकर मौत को गले लगा लेते हैं?
यह गांव असम के बरेल पर्वत श्रेणी में मौजूद है। भारत के किसी दूसरे गांव की तरह ही यह गांव भी है। हालांकि, इस गांव में सदियों से एक रहस्य छिपा हुआ है। यह पक्षियों की मौत का रहस्य है। इस रहस्य को वैज्ञानिक और शोधकर्ता अभी तक नहीं सुलझा पाए हैं। सितंबर से अक्टूबर के महीने में हर शाम 6 बजे से रात 10 बजे के बीच प्रवासी पक्षियों का झुंड यहां पहुंचता है।