मामला दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक में कार्यरत बक्सर के एकल कर्मी ग्रामीण ब्रांच बकसड़ा के प्रबंधक मुन्ना प्रसाद से संबंधित है। उनकी पत्नी किडनी रोग से ग्रसित है और उनके इलाज के लिए प्रबंधक को छुट्टी नहीं दी जा रही थी। ऐसे में बार-बार मुख्य कार्यालय को छुट्टी के लिए आवेदन देने पर किसी अधिकारी ने झल्ला कर कह दिया कि उन्हें अब पत्नी के सिर्फ दाह संस्कार के लिए ही छुट्टी दी जा सकती है। जिसके बाद अवसाद में आकर बैंक प्रबंधक मुन्ना प्रसाद ने प्रधान कार्यालय पटना को इस आशय का पत्र लिखते हुए इसकी प्रति राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और प्रधानमंत्री को भेज दिया। हालांकि, इसकी जानकारी होते ही बैंक की ओर से उक्त प्रबंधक की छुट्टी तुरंत ही मंजूर कर ली गई।