फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Asteroid News: खतरे में धरती! पृथ्वी के करीब आ रही है तबाही, इस खतरनाक एस्टेरॉयड पर इसरो की नजर

Fri, 05 Jul 2024 12:05 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
पृथ्वी के करीब आ रही है तबाही - फोटो : Istock
Asteroid News: एस्टेरॉयड को काफी लंबे समय से धरती के लिए खतरा बताया जाता है। दुनियाभर के वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर धरती से एस्टेरॉयड टकराता है, तो बड़ी तबाही मच सकती है। कहा जाता है कि एक बार धरती से एस्टेरॉयड टकराया था, जिसके बाद डायनासोर खत्म हो गए थे। अब फिर कुछ सालों में धरती की तरफ बड़ी तबाही आ रही है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक एस्टेरॉयड धरती के करीब आ रहा है, जो 305 मीटर चौड़ा है। इसका नाम मिस्र के विनाश के देवता एपोफिस के नाम पर रखा गया है। 

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अब इसके अध्ययन और पृथ्वी को बचाने वाले मिशन में शामिल होना चाहता है। इसके साथ ही वह इसे समझना चाहता है। इसरो के अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ और वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने एस्टेरॉयड दिवस 2024 के मौके पर बेंगलुरु में एक अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में इस बारे में बताया। इसरो अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ ने कहा कि जब साल 2029 में एपोफिस आएगा तो हमें इस एस्टेरॉयड पर जाने और उससे मिलने में सक्षम रहना चाहिए। तब यह पृथ्वी के बेहद करीब होगा। 
विज्ञापन

2 of 5
पृथ्वी के करीब आ रही है तबाही - फोटो : Istock
उन्होंने कहा कि मानवता के लिए यह एस्टेरॉयड के साथ काम करने का एक अवसर है। भारत को इस तरह कोशिशों का हिस्सा बनना चाहिए। अभी यह तय करना है कि भारत किस तरह हिस्सा लेगा। कहा जाता है कि एस्टेरॉयड टाइम कैप्शूल हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह शुरुआती दुनिया के अवशेष हैं। हमारी दुनिया का निर्माण कैसे हुआ उसे समझने में इससे मदद मिल सकती है।
 
विज्ञापन

3 of 5
पृथ्वी के करीब आ रही है तबाही - फोटो : Istock
क्या एस्टेरॉयड की धरती से टक्कर होगी?

वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह एस्टेरॉयड 13 अप्रैल 2029 को धरती के सबसे पास आएगा। इस दौरान इसकी दूरी 48280 किमी होगी। यह 305 मीटर के आकार का है और धरती के करीब होने पर नग्न आंखों से देखा जा सकता है। हालांकि, इसके धरती से टकरान संभवान नहीं है। हालांकि, कभी-कभी ऐसा होता है कि कोई एस्टेरॉयड धरती के करीब आए।

ISS: स्पेस में फंस गई हैं सुनीता विलियम्स, नासा का खराब स्पेससूट बन सकता है टाइम बम, खतरे में अंतरिक्ष यात्री

4 of 5
पृथ्वी के करीब आ रही है तबाही - फोटो : Istock
वैज्ञानिक इस मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहते हैं। एस्टेरॉयड के माध्यम से सौर मंडल और उल्कापिंडों से धरती को बचाने वाले तरीके का अध्ययन करेंगे। नासा बीते साल ओसाइरिस रेक्स मिशन के तहत उल्कापिंड का सैंपल लाया है। अब वह इस एस्टेरॉयड को लेकर भी मिशन चला सकता है। इससे जुड़े कॉन्सेप्ट दिए जा रहे हैं। जिसके मुताबिक लगभग दो महीने तक इसकी स्टडी शामिल है।

ISS: बड़े खतरे में हैं सुनीता विलियम्स, जानिए क्यों स्पेस स्टेशन में भी सुरक्षित नहीं हैं अंतरिक्ष यात्री?
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
पृथ्वी के करीब आ रही है तबाही - फोटो : Istock
क्या होगा इसरो का मिशन?

इसरो चीफ ने मिशन से जुड़ी योजना के बारे बताया कि इसमें JAXA (जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी), ESA (यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी), और नासा के संयुक्त एस्टेरॉयड एपोफिस मिशन पर एक उपकरण लगाया जा सकता है। या हम किसी तरह से सहायता प्रदान करके इसमें शामिल हो सकते हैं। हमें मिशन में भाग लेने और सीखने के लिए जो भी सहायता हो सके प्रदान करनी चाहिए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें