Science News: वैज्ञानिक अक्सर नई-नई खोज करते हैं। कभी-कभी उनकी खोज बेहद महत्वपूर्ण होती है। एक बार फिर वैज्ञानिकों ने बेहद अहम खोज की है। उन्होंने एक भूवैज्ञानिक स्थल की खोज की है। उनका कहना है कि यह स्थल एंथ्रोपोसीन नाम के प्रस्तावित नए युग को दिखाता है। धरती के इतिहास की आधिकारिक समयरेखा को बदलने की दिशा में यह खोज बेहद महत्वपूर्ण है। पहली बार साल 2002 में एंथ्रोपोसीन शब्द का इस्तेमाल किया गया था। नोबेल पुरस्कार विजेता रसायन वैज्ञानिक पॉल क्रुटजेन और जीव विज्ञानी के प्रोफेसर यूजीन स्टोएमर ने एंथ्रोपोसीन युग शब्द का पहली बार इस्तेमाल किया था।
यह दर्शाने के लिए किया गया था कि इंसानी गतिविधियों की वजह से दुनिया की कितनी गहराई से बदल गई है। इसके बाद इस शब्द का शोध के अलग-अलग क्षेत्रों में शैक्षणिक तौर पर इस्तेमाल किया जाने लगा। लीसेस्टर विश्वविद्यालय में भूगोल, भूविज्ञान और पर्यावरण स्कूल की मानद प्रोफेसर और एंथ्रोपोसीन वर्किंग ग्रुप के अध्यक्ष कॉलिन वाटर्स का कहना है कि ग्रह पर 8 अरब लोगों का प्रभाव पड़ रहा है, तो तय है कि इसका असर होगा।