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Surya Grahan 2026: क्या होता है रिंग ऑफ फायर? जानिए साल के पहले सूर्य ग्रहण की 5 बड़ी बातें

Thu, 12 Feb 2026 05:52 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Surya Grahan 2026 Place, Date And Timings: फरवरी महीने में साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जो आसमान में आग के छल्ले जैसा दिखेगा। 17 फरवरी 2026 को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा।
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क्या होता है रिंग ऑफ फायर? - फोटो : Adobe Stock
Surya Grahan 2026 Place, Date And Timings: 17 फरवरी को साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जो आसमान में आग के छल्ले जैसा दिखेगा। यह ग्रहण दक्षिण अफ्रीका, अर्जेंटीना और अंटार्कटिका के दूरदराज के हिस्से में दिखाई देगा। आज हम आपको बताते हैं कि रिंग ऑफ फायर क्या होता है और इससे जुड़ी कुछ रोचक बातें। 

कब लगता है सूर्य ग्रहण? 
  • वलयाकार सूर्य ग्रहण को रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है। इस दौरान आसमान में एक आग का छल्ला दिखाई देता है। पृथ्वी के सबसे नजदीक का सितारा सर्य अपने स्थान पर स्थित है। सूर्य की पृथ्वी परिक्रमा करती है। चंद्रमा भी पृथ्वी की तरह सूर्य की परिक्रमा करता है, लेकिन चांद धरती का भी चक्कर लगाता है। कई बार चंद्रमा घूमते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है। 
 
  • इससे कुछ समय के लिए सूर्य के प्रकाश को धरती पर आने से रोक देता है। इस खोगलीय घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इस दौरान चंद्रमा की परछाई धरती पर पड़ती है। जब सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा आ जाता है, तो चांद के पीछे सूर्य का बिंब कुछ समय के लिए पूरी तरह से ढक जाता है। इस प्रक्रिया को ही सूर्य ग्रहण लगना कहा जाता है। 
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क्या होता है रिंग ऑफ फायर? - फोटो : Freepik
क्या होता है रिंग ऑफ फायर? 
 
  • जब चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है, तो उसकी दूरी भी बदलती है। कभी वह पृथ्वी के नजदीक होता, तो कभी दूर। जब चंद्रमा पृथ्वी के करीब होता है, तो यह हमें बड़ा नजर आता है। वहीं जब यह धरती से दूर होता है तो छोटा दिखाई देता है। 
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क्या होता है रिंग ऑफ फायर? - फोटो : Freepik
  • सूर्य ग्रहण के समय अगर चांद पृथ्वी के पास होता है, तो आकार की वजह से पृथ्वी से यह हमें सूर्य को पूरी तरह ढकता नजर आता है। लेकिन, जब यह धरती से दूर होता है, तो छोटे आकार की वजह से सूर्य के बीच के हिस्से को ही ढक पाता है। सूर्य का बाकी किनारा नजर आता है, जो आसमान में आग का छल्ला बनाता है, जिसे रिंग ऑफ फायर कहा जाता है। 

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क्या होता है रिंग ऑफ फायर? - फोटो : Freepik
सूर्य ग्रहण की 5 खास बातें? 
  • साल का पहला सूर्यग्रहण 17 फरवरी मंगलवार को लेगा। उस दिन जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से होकर गुजरेगा, तो सूरज के बड़े भाग को ढक लेगा। 
  • यह वलयाकार सूर्यग्रहण होगा, जिससे रिंग ऑफ फायर नजर आएगा। दरअसल, चंद्रमा पृथ्वी के सबसे दूर बिंदु पर होने के कारण सूरज को पूरी तरह नहीं ढंक पाएगा। इसके सूर्य की डिस्क का बाहरी भाग जलता हुआ नजर आएगा। 

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साल 2025 में कब-कब दिखाई देगा सूर्य ग्रहण - फोटो : Freepik
  • नासा की रिपोर्ट के अनुसार, रिंग ऑफ फायर का समय सुबह 7.12 बजे (अमेरिकी समयानुसार) शुरू होगा और 1 मिनट 52 सेकंड तक चलेगा। इसके बाद चांद की छाया सोलर डिस्क से धीरे-धीरे हट जाएगी।
 
  • साल का पहले सूर्य ग्रहण को सिर्फ कुछ ही जगहों पर देखा जा सकता है। रिंग ऑफ फायर इफेक्ट का मार्ग अंटार्कटिका के हिस्से से होकर गुजरेगा। 
 
  • इसके साथ ही दक्षिणी अमेरिका के सबसे दक्षिणी छोर और दक्षिण अफ्रीका के साथ प्रशांत, अटलांटिक और हिंद महासागर के कुछ हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण नजर आएगा। इस दौरान चंद्रमा सूर्य को काटता हुए जाएगा। भारत में यह सूर्य ग्ररण नहीं देखा जा सकेगा, क्योंकि सूर्य ग्रहण का मार्ग अंटार्कटिका से होकर गुजर रहा है।
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