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भारत का वो चमत्कारी मंदिर, जहां तेल-घी नहीं पानी से जलता है दीया

Thu, 26 Dec 2019 01:42 PM IST
गौरव शुक्ला फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इस मंदिर में पानी से जलता है दीया - फोटो : Social Media
धर्म और आस्था में कई ऐसे चमत्कार होते हैं जिनसे भगवान में श्रद्धा और भी बढ़ जाती है। ऐसा ही एक चमत्कार एक देवी के मंदिर में दिखाई देता है जिसमें दीपक को जलाने के लिए किसी घी या तेल की जरुरत नहीं होती। यह क्रम आज से नहीं बल्कि कई सालों से चल रहा है। 
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इस मंदिर में पानी से जलता है दीया - फोटो : Social Media
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में गड़ियाघाट वाली माताजी के नाम से मशहूर यह मंदिर कालीसिंध नदी के किनारे आगर-मालवा के नलखेड़ा गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर गाड़िया गांव के पास स्थित है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Needpix.com
बताया जा रहा है कि इस मंदिर में पिछले पांच साल से एक महाजोत (दीपक) लगातार जलती आ रही है। हालांकि देश में ऐसे अनेक मंदिर हैं, जहां इससे भी लंबे समय से दीये जलते आ रहे हैं, लेकिन यहां के महाजोत की बात सबसे जुदा है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
मंदिर के पुजारी का दावा है कि इस मंदिर में जो महाजोत जल रही है, उसे जलाने के लिए किसी घी, तेल, मोम या किसी अन्य ईंधन की जरूरत नहीं पड़ती है बल्कि यह आग के दुश्मन पानी से जलती है। पुजारी सिद्धूसिंह बताते हैं कि पहले यहां हमेशा तेल का दीपक जला करता था, लेकिन करीब पांच साल पहले उन्हें माता ने सपने में दर्शन देकर पानी से दीपक जलाने के लिए कहा। मां के आदेश के अनुसार पुजारी ने वैसा ही कार्य किया।
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इस मंदिर में पानी से जलता है दीया - फोटो : Social Media
सुबह उठकर जब पुजारी ने मंदिर के पास में बह रही कालीसिंध नदी से पानी भरा और उसे दीये में डाला। दीये में रखी रुई के पास जैसे ही जलती हुई माचिस ले जाई गई, वैसे ही ज्योत जलने लगी। ऐसा होने पर पुजारी खुद भी घबरा गए और करीब दो महीने तक उन्होंने इस बारे में किसी को कुछ नहीं बताया। 
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माताजी मंदिर - फोटो : Social Media
बाद में उन्होंने इस बारे में कुछ ग्रामीणों को बताया तो उन्होंने भी पहले यकीन नहीं किया, लेकिन जब उन्होंने भी दीए में पानी डालकर ज्योत जलाई तो ज्योति सामान्य रूप से जल उठी। उसके बाद से इस चमत्कार के बारे में जानने के लिए लोग यहां काफी संख्या में आते हैं। 
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बरसात के मौसम में नहीं जलता दीया - फोटो : You Tube
पानी से जलने वाला ये दीया बरसात के मौसम में नहीं जलता है। दरअसल, वर्षाकाल में कालीसिंध नदी का जल स्तर बढ़ने से यह मंदिर पानी में डूब जाता है। जिससे यहां पूजा करना संभव नहीं होता। इसके बाद शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन यानी पड़वा से दोबारा ज्योत जला दी जाती है, जो अगले वर्षाकाल तक लगातार जलती रहती है। बताया जाता है कि इस मंदिर में रखे दीपक में जब पानी डाला जाता है, तो वह चिपचिपे तरल में बदल जाता है और दीपक जल उठता है। 
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