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भारत की इन जगहों छिपा है बेशकीमती खजाना, किसी को भी बना सकता है रातों-रात अरबपति

Thu, 29 Jul 2021 12:51 PM IST
Shashi Shashi फीचर डेस्क, अमर उजाला
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treasure
एक समय था जब भारत को सोने की चिड़िया कहकर पुकारा जाता था, क्योंकि प्राचीन भारत में अकूत संपत्ति थी। यही कारण था कि भारत पर विदेशी आक्रमणकारियों के हमले होते रहते थे। कुछ लोग मानते हैं कि भारत केवल मसालों के निर्यात में आगे था, लेकिन यह पूरी तरह सत्य नहीं है। भारत से न केवल मसाले बल्कि अन्य बहुत सी चीजों के निर्यात में भी अग्रणी देश था। प्राचीन भारत वैश्विक व्यापार का केंद्र था। यही कारण था कि अंग्रेजो ने भारत पर कब्जा किया। जब अंग्रेज भारत छोड़कर गए तो भारत की अर्थव्यवस्था चरमरा गई, लेकिन आज भी भारत की बहुत सारी जगह ऐसी हैं जहां पर अरबों-खरबों का खजाना छिपा हुआ है। ऐसी ही पांच जगह हैं जहां पर अकूत संपत्ति होने का दावा किया जाता है, कहा जाता है कि यदि इस संपत्ति का कुछ हिस्सा भी किसी को मिल जाए तो वह रातों-रात अमीर हो सकता है। तो आइए जानते हैं कि कौन सी हैं वे जगह...
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श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर - फोटो : social media
केरल का पद्मनाभस्वामी मंदिर
केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित भगवान विष्णु का प्रसिद्ध पद्मनाभस्वामी मंदिर भारत के सबसे बड़े मंदिरों में से एक है। इसी की साथ यह देश के सबसे अधिक संपत्ति वाले मंदिरो में से एक है। यह मंदिर ने केवल अपनी भव्यता और संपत्ति के लिए ही नहीं बल्कि अपने रहस्यों के कारण भी चर्चा में बना रहता है। यहां पर गुप्त खजाना छिपा होने का दावा किया जाता है। माना जाता है कि यहां के तहखानों में इतना खजाना छिपा है जिसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है। 2011 में कोर्ट के आदेश के बाद इस मंदिर के तहखाने के छह दरवाजों को खोला जा चुका है। जब इन दरवाजों को खोला गया तो इसमें रखें आभूषण, बेशकीमती हीरे जवाहरात देखकर सभी आशचर्यचकित रह गए थे। इसमें से मिली संपत्ति की कीमत लगभग 22 अरब यानी करीब 1.3 लाख करोड़ रुपए आकी गई थी। इस संपत्ति को मंदिर के ट्रस्ट को दे दिया गया था। फिलहाल आज भी इस मंदिर का सांतवा द्वारा बंद है। इसे खोलने के लिए भी सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दे दिया था लेकिन इस मंदिर में आस्था रखने वालों और पुजारियों का कहना है कि इस खजाने की रक्षा भगवान विष्णु के अवतार नाग कर रहे हैं और अगर इस दरवाजे को खोला गया तो भारी तबाही का सामना करना पड़ सकता है।
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सोन भंडार गुफा - फोटो : Social media
बिहार में सोन भंडार गुफाएं
पांचवी शताब्दी में बिम्बिसार मगध का राजा था। राजा बिम्बिसार के बाद ही यहां पर मौर्य साम्राज्य का विस्तार हुआ। माना जाता है कि यहां पर बिम्बिसार का खजाना छिपा हुआ है। जैसा कि इनके नाम से ही पता चलता है सोन भंडार गुफाएं यानी सोने के भंडार की गुफाएं। बिहार के राजगीर में दो गुफाएं स्थित हैं। इन गुफाओं के बारे में दावा किया जाता है कि यहां पर सोने का भंडार छिपाकर रखा गया है। इन गुफाओं में छिपे खजाने को सुरक्षित रखने के लिए इनका द्वारा विशेष प्रकार से बनाया गया है। इन पर विशेष लिपि उकेरी गई है जिसे आज तक कोई नहीं पढ़ पाया है। इन गुफाओं के बार में कहा जाता है कि गुफा के ऊपर जो लिपि उकेरी गई है यदि उसे कोई समझ सकता है तो वह इसका द्वारा खोल सकता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
आंध्र प्रदेश के कृष्णा नदी का खजाना
बहुत समय पहले आंध्रप्रदेश के गुंटूर में बहने वाली कृष्णा नदी के तटीय इलाके अपने हीरों के लिए मशहूर थे। हिंदू धर्म को मानने वाले लोग कृष्णा नदी को एक पवित्र नदी मानते हैं। इसी के साथ इस नदी को दुनिया के सबसे कीमती और मशहूर कोहीनूर हीरे के लिए भी जाना जाता है। यहीं की गोलकुंडा खादान से कोहिनूर हीरा निकला था। माना जाता है कि यह नदी चौथी सबसे बड़ी हीरे की खान है। इस नदी के बारे में कहा जाता है कि एक समय था जब ये नदी हीरे का प्रमुख स्त्रोत थी और दुनिया के प्रत्येक दस में से सात हीरे इसी नदी से प्राप्त होते थे। ये नदी आंध्रप्रदेश से होते लिए चार राज्यों के लिए पानी का प्रमुख स्त्रोत है।
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mookambika temple - फोटो : pinterest
कर्नाटक मोक्कम्बिका मंदिर का खजाना
मोक्कम्बिका मंदिर कर्नाटक के पश्चिमी घाट में कोलूर में स्थित है। इस मंदिर में भी खजाना दबा होने का दावा किया जाता है। लोगों का मानना है कि यहां पर छिपे खजाने कि रक्षा सांप करते हैं। यहां पर सांप का चिन्ह भी बना हुआ है। माना जाता है कि पहले के समय में जहां पर खजाना छिपा होता था वहां पर पहचान के लिए कुछ विशेष चिन्ह बने होते थे। फिलहाल यहां पर खजाना दबा होने के दावे से अलग भी मंदिर में रखे जवाहारतों की कीमत करीब 100 करोड़ रुपए बताई जाती है।
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जयगढ़ किला - फोटो : अमर उजाला
राजस्थान का जयगढ़ किला
राजस्थान किलों का गढ़ है यहां पर बहुत से किले बने हुए हैं और हर किले का अपना एक अलग इतिहास है। ऐतिहासिक स्तोत्र के मुताबिक यहां पर जयपुर के राजा मानसिंह के द्वारा बनवाए गए जयगढ़ किले में खजाना छिपाकर रखा गया है। मानसिंह अकबर की सेना में सेनापति भी थे। उन्होंने अकबर की सेना का नेतृत्व करते हुए लिए कई युद्ध जीते। कहा जाता है कि एक बार वे इसी तरह से अफगानिस्तान भी गए थे, जहां पर न केवल उन्होंने विद्रोह को कुचला था बल्कि वहां से बहुमूल्य सोना, चांदी भी लूटकर लाए थे लेकिन इस खजाने को उन्होंने मुगल साम्राज्य के हवाले न करके किले में ही कहीं छिपा दिया था। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरागांधी की सरकार के समय यहां पर खजाने की खोज का आदेश भी दिया गया था लेकिन आज तक यहां पर खजाना होने की पुख्ता जानकारी नहीं हैं हालांकि लोगों का मानना है कि यहां पर आज भी कहीं खजाना छिपा हुआ है।
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