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Bihar News: गंडक नदी में तेजी से कटाव शुरू, ग्रामीणों का पलायन जारी; प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

Mon, 07 Oct 2024 08:50 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण

सार

Bihar News: गंडक नदी में तेजी से कटाव शुरू, ग्रामीणों का पलायन जारी; प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
Bihar Flood: Rapid erosion begins in Gandak river in Saran, villagers continue to migrate
 
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सारण में बाढ़ का कहर - फोटो : अमर उजाला
गंडक नदी में जलस्तर कम होने के बाद सारण जिले के कई प्रखंडों में तेजी से कटाव शुरू हो गया है, जिससे ग्रामीणों के घर-बार उजड़ने लगे हैं। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र मकेर प्रखंड के बघाकोल पंचायत के बैकुंठपुर लगुनिया गांव का है, जहां कटाव ने गांव को पूरी तरह से खतरे में डाल दिया है। नदी से महज एक किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में सोमवार की सुबह से कटाव इतनी तेजी से हो रहा है कि ग्रामीण अपने आशियाने छोड़कर ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करने पर मजबूर हो गए हैं।
 
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सारण में बाढ़ का कहर - फोटो : अमर उजाला
कटाव के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल
ग्रामीणों ने बताया कि गंडक नदी के कटाव की रफ्तार इतनी तेज है कि अगले 24 घंटों में पूरा गांव नदी में समा सकता है। ग्रामीण अपने घरों से सामान समेट कर ट्रैक्टरों पर लादकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। कटाव से दहशत में आए ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई, लेकिन अब तक कटाव रोकने के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।
 
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सारण में बाढ़ का कहर - फोटो : अमर उजाला
प्रशासन की कार्रवाई और आरोप
कटाव की जानकारी मिलते ही पंचायत के मुखिया अनिल सिंह और राजद नेता अजय राय ने गंडक विभाग के अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद सहायक अभियंता संजय कुमार और उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। फिर प्लास्टिक बैग और जेसीबी मशीनों से कटाव रोधी कार्य शुरू कराया। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि ये प्रयास अपर्याप्त हैं और कटाव को रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
 
राजद नेता अजय राय ने जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कटाव रोकने के लिए समय पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। इस वजह से ग्रामीणों को पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा है। वहीं, सहायक अभियंता विजय कुमार ने बताया कि कटाव रोकने के प्रयास जारी हैं और वरीय अधिकारियों के निर्देशानुसार नदी की धारा को मोड़ने की कोशिश की जा रही है, जिससे कटाव कम हो सके।
 
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सारण में बाढ़ का कहर - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों का भविष्य अनिश्चित
जानकारी के मुताबिक, लगभग डेढ़ सौ साल पुरानी इस बस्ती के अस्तित्व पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं। कटाव की भयावह स्थिति को देखते हुए ग्रामीण अपने भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं। अगर कटाव नहीं रुका तो बैकुंठपुर लगुनिया गांव जल्द ही गंडक नदी में समा सकता है, जिससे सैकड़ों लोगों का जीवन प्रभावित होगा।
 
इस स्थिति ने प्रशासन की तैयारी और कटाव रोधी योजनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाएगी, ताकि उनके घर-बार और जीवन सुरक्षित रह सकें।
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