कलाकारों ने अपनी विधा से जीता दर्शकों का दिल
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सुरों की माधुर्यता ने जीता दिल
प्रतियोगिता की पहली विधा 'कर्नाटक क्लासिकल इंस्ट्रूमेंटल' थी, जिसमें कुल सात प्रतिभागियों ने भाग लिया। हर प्रतिभागी को 10 मिनट का समय दिया गया था, जिसमें उन्हें अपनी प्रस्तुति पूरी करनी थी। सुरों की मधुरता और वाद्ययंत्रों की गूंज से मंच संगीतमय हो उठा। इस श्रेणी में कर्नाटक सचिवालय के प्रतिभागी कार्तिक भारद्वाज ने शानदार प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
सुरों की कोमलता ने बिखेरा जादू
प्रतियोगिता की दूसरी विधा 'कर्नाटक लाइट क्लासिकल इंस्ट्रूमेंटल' थी, जिसमें कुल पांच प्रतिभागी शामिल हुए। इस विधा में हर प्रतिभागी को पांच मिनट का समय दिया गया था। हर प्रस्तुति एक से बढ़कर एक थी और दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की सौम्यता और कोमलता का अनुभव हुआ। इस प्रतियोगिता में भी कर्नाटक सचिवालय के प्रतिभागी राघवेंद्र प्रसाद ने बेहतरीन प्रदर्शन कर प्रथम स्थान हासिल किया।