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Bihar News: लालू यादव के करीबी पूर्व विधायक अरुण यादव पर ED की बड़ी कार्रवाई, 19.32 करोड़ की संपत्ति जब्त

Wed, 09 Oct 2024 06:37 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आरा/पटना

सार

Bihar News: लालू यादव के करीबी पूर्व विधायक अरुण यादव पर ED की बड़ी कार्रवाई, 19.32 करोड़ की संपत्ति जब्त
Bihar: ED takes action against former MLA Arun Yadav close to Lalu Yadav, property worth Rs 19.32 crore seized
 
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लालू यादव के करीबी अरुण यादव पर ईडी ने कसा शिकंजा - फोटो : अमर उजाला
राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के करीबी नेताओं में शुमार और भोजपुर जिले के संदेश विधानसभा के पूर्व विधायक अरुण यादव पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने अरुण यादव की 19.32 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को कुर्क कर लिया है। इसमें आरा के अगिआंव स्थित उनकी हवेली और पटना में कई फ्लैट्स शामिल हैं। इसके अलावा, उनके बैंक खातों को भी सीज कर दिया गया है।
 
ईडी ने इस कार्रवाई की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर दी। ईडी द्वारा किए गए इस कदम से बिहार की राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है, क्योंकि अरुण यादव को लालू यादव का बेहद करीबी माना जाता है। फिलहाल, अरुण यादव की पत्नी किरण देवी संदेश विधानसभा से आरजेडी की विधायक हैं।
 
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प्रवर्तन निदेशालय ने X पर दी कार्रवाई की जानकारी - फोटो : अमर उजाला
अगिआंव की हवेली और पटना की संपत्ति कुर्क
ईडी ने अपने बयान में बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग केस में अरुण यादव की आरा के अगिआंव स्थित आलीशान हवेली, पटना में कई अचल संपत्तियों और बैंक खातों को कुर्क किया गया है। यह कार्रवाई लंबे समय से चल रहे एक जांच के सिलसिले में की गई है। इससे पहले, जनवरी 2024 में ईडी ने अरुण यादव के अगिआंव स्थित आवास और पटना के फ्लैट्स पर छापामारी कर कई अहम दस्तावेजों को जब्त किया था। इस कार्रवाई के दौरान ईडी को उनके पास मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित कई सबूत मिले थे, जिसके आधार पर अब यह संपत्ति कुर्क की गई है। बताया जा रहा है कि अरुण यादव ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग कर अवैध तरीके से संपत्ति जुटाई थी, जिसकी कुल कीमत 19.32 करोड़ रुपये है।
 
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पूर्व विधायक अरुण यादव ने कार्रवाई को बताया भ्रामक - फोटो : अमर उजाला
अरुण यादव ने किया आरोपों का खंडन
इस मामले में पूर्व विधायक अरुण यादव ने एक वीडियो जारी करते हुए ईडी की कार्रवाई को भ्रामक बताया और मीडिया में चल रही खबरों को भी गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ की जा रही यह कार्रवाई राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। अरुण यादव ने कहा कि उनके पास कोई भी अवैध संपत्ति नहीं है और ईडी के आरोप निराधार हैं। उन्होंने इसे राजनैतिक द्वेष की वजह से किया गया कदम बताया।


 
राजनीतिक हलकों में हलचल
ईडी की इस कार्रवाई के बाद बिहार की राजनीति में उबाल आ गया है। राजद के अन्य नेताओं ने इसे सरकार की ओर से विपक्ष को दबाने की कोशिश बताया है। वहीं, भाजपा ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी जीत करार दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचारियों के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत करेगी।

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कार्रवाई के बाद बड़ी संख्या में जुटे लोग - फोटो : अमर उजाला
क्या है मनी लॉन्ड्रिंग का मामला?
मनी लॉन्ड्रिंग का मामला अवैध तरीके से कमाई गई संपत्ति को वैध रूप में बदलने से जुड़ा है। अरुण यादव पर आरोप है कि उन्होंने राजनैतिक प्रभाव का उपयोग करते हुए अवैध रूप से संपत्तियां अर्जित कीं और उन्हें वैध दिखाने की कोशिश की। ईडी ने इसी मामले में जनवरी में उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी और अब उनकी संपत्तियां जब्त की हैं।
 
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राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के करीबी हैं अरुण यादव - फोटो : अमर उजाला
राजद के लिए बड़ा झटका
इस कार्रवाई को राजद के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। खासकर तब जब पार्टी प्रमुख लालू यादव और उनके परिवार पर भी मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य मामलों में पहले से जांच चल रही है। अरुण यादव लालू यादव के करीबी माने जाते हैं और उनकी पत्नी किरण देवी संदेश विधानसभा से विधायक हैं, जिससे इस मामले का राजद पर और भी असर हो सकता है।
 
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अगिआंव की हवेली हुई कुर्क - फोटो : अमर उजाला
ईडी की कार्रवाई
ईडी की जांच अभी भी जारी है और यह संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में और भी नाम सामने आ सकते हैं। अरुण यादव और उनके सहयोगियों की संपत्ति की जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई के लिए जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है।
 
इस बीच, राजद ने इस मामले पर सरकार से स्पष्टिकरण की मांग की है और इसे राजनीतिक उत्पीड़न का हिस्सा बताया है। लेकिन, भाजपा और अन्य विपक्षी दल इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त कदम के रूप में देख रहे हैं।

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