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Bihar News: बिहार के इस गांव के ग्रामीणों ने खेली होली... जमकर नाचे; बोले- हमारी पुकार सुन ली गई, जानें मामला

Sat, 16 Nov 2024 03:17 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Muzaffarpur News: ग्रामीण चंदन कुमार ने बताया कि हमारे इलाके के लोग पीढ़ी दर पीढ़ी इस समस्या से जूझते रहे हैं। हर साल हादसे होते थे, और हमारा दर्द कभी खत्म नहीं होता था। अब जाकर हमें इस त्रासदी से मुक्ति मिली है।
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पुल निर्माण की घोषणा पर ग्रामीणों ने मनाया जश्न - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरपुर के बाढ़ प्रभावित औराई प्रखंड के लाखों ग्रामीणों के लिए खुशी का माहौल है। बागमती नदी पर अतरार से बभनगावां तक उच्चस्तरीय पुल और सड़क निर्माण की सरकारी घोषणा ने ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा कर दिया। यह घोषणा जैसे ही हुई, ग्रामीणों ने खुशी से झूमते हुए होली खेली, गुलाल लगाया और मिठाई बांटकर बधाई दी। डीजे की धुनों पर नाच-गाने का सिलसिला लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। 
 
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चचरी पुल से ग्रामीणों को होती है काफी परेशानी - फोटो : अमर उजाला
52 से घटकर 28 किलोमीटर रह जाएगी दूरी
बागमती नदी पर अतरार घाट से बभनगावां तक बनने वाले इस पुल और सड़क निर्माण से करीब पांच लाख ग्रामीणों को राहत मिलेगी। वर्तमान में औराई प्रखंड से जिला मुख्यालय तक पहुंचने में 52 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। पुल के निर्माण के बाद यह दूरी घटकर मात्र 28 किलोमीटर रह जाएगी। सरकार ने ₹814.22 करोड़ की लागत से गरहा-हथौड़ी-अतरार-बभनगावां पथ के 21.30 किलोमीटर लंबे सड़क निर्माण और 3.35 किलोमीटर लंबे उच्चस्तरीय पुल के निर्माण को स्वीकृति दी है। 
 
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चचरी पुल से ग्रामीणों को होती है काफी परेशानी - फोटो : अमर उजाला
चचरी पुल का अंत, हादसों से मिलेगी मुक्ति
अभी तक, ग्रामीणों को बागमती नदी पार करने के लिए चचरी पुल का सहारा लेना पड़ता था। यह अस्थायी पुल बारिश और बाढ़ के दौरान बह जाता था, जिससे हर साल कई हादसे होते थे। अब इस पुल और सड़क के निर्माण से लोगों को सुरक्षित यात्रा का भरोसा मिलेगा। 
 
ग्रामीणों का कहना है कि चचरी पुल पर से गुजरते समय हमेशा जान का खतरा बना रहता था। सहिलाबल्ली, परमजीवर, ताराजीवर सहित कई पंचायतों के लोग प्रखंड मुख्यालय और जिला मुख्यालय तक पहुंचने में बड़ी कठिनाइयों का सामना करते थे। 
 

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चचरी पुल से ग्रामीणों को होती है काफी परेशानी - फोटो : अमर उजाला
आसानी से पहुंचेंगे औराई प्रखंड मुख्यालय
इस पुल के बनने से औराई प्रखंड के उत्तरी हिस्सों जैसे नयागांव, बभंगामा, आलमपुर सिमरी, रतवारा, भलूरा, बिशनपुर, गोकुल, रामपुर और मथुरापुर बुजुर्ग समेत दर्जनभर पंचायतों के लोग अब सीधे प्रखंड मुख्यालय तक महज छह-सात किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंच सकेंगे। पुल निर्माण की स्वीकृति की घोषणा के बाद औराई प्रखंड के लोगों ने इसे ‘नई जिंदगी की शुरुआत’ करार दिया। ग्रामीण चंदन कुमार ने बताया कि हमारे इलाके के लोग पीढ़ी दर पीढ़ी इस समस्या से जूझते रहे हैं। हर साल हादसे होते थे, और हमारा दर्द कभी खत्म नहीं होता था। अब जाकर हमें इस त्रासदी से मुक्ति मिली है। 
 
ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर और गुलाल लगाकर जश्न मनाया। पुल निर्माण से 30 साल की उम्मीदों को साकार होते देख स्थानीय लोग भावुक भी हुए। 
 
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पुल निर्माण की घोषणा पर ग्रामीणों ने मनाया जश्न - फोटो : अमर उजाला
सरकार से मिली राहत, ग्रामीणों की पुकार हुई पूरी
राज्य कैबिनेट की इस घोषणा ने बाढ़ प्रभावित औराई प्रखंड के लाखों लोगों के जीवन में एक नई रोशनी लाई है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन के प्रति आभार जताया और इस निर्णय को क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर बताया। यह पुल और सड़क न केवल क्षेत्र के लोगों को राहत पहुंचाएंगे, बल्कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक प्रगति का मार्ग भी प्रशस्त करेंगे।
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