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Bihar: SKMCH पहुंच रहे हजारों मरीज, पर कोलकाता डॉक्टर हत्याकांड के विरोध में OPD संग अब इमर्जेंसी सेवा भी ठप

Fri, 16 Aug 2024 07:52 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Bihar: SKMCH पहुंच रहे हजारों मरीज, पर कोलकाता डॉक्टर हत्याकांड के विरोध में OPD संग अब इमर्जेंसी सेवा भी ठप
Muzaffarpur: Now emergency service along with OPD has also stopped in SKMCH, Kolkata doctor rape murder case
 
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बिना इलाज कराए ही मायूस होकर लौट रहे मरीज - फोटो : अमर उजाला
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में बीते दिनों महिला डॉक्टर से पहले यौन शोषण और फिर हत्या कर दी गई थी। इस मामले को लेकर देश भर के विभिन्न मेडिकल कॉलेज और संस्थानों में डॉक्टरों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। इस सिलसिले में उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोलकाता डॉक्टर हत्या मामले से नाराज चिकित्सक दोषियों को कार्रवाई और डॉक्टरों को सुरक्षा की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं।

जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि अब जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। बीते चार दिन से जारी हड़ताल में ओपीडी प्रभावित करने के बाद डॉक्टरों ने अब इमरजेंसी सेवा को भी ठप कर दिया है। इसके कारण ढाई हजार से अधिक मरीज प्रतिदिन बिना इलाज कराए ही लौटने को विवश हो गए हैं। वहीं, मुजफ्फरपुर एसकेसीएमएच में पहुंचे अलग-अलग प्रखंड के मरीजों ने अपनी-अपनी दास्तान सुनाई। उन्होंने कहा कि यही हाल रहा तो मरीज की मौत हो जाएगी। हमारी बात को सुनने वाला कोई नहीं है। राज्य सरकार मामले में जल्द पहल कर स्थिति सामान्य करवाने में मदद करे, ताकि मरीज अपना इलाज करवा सकें।
 
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कोलकाता डॉक्टर हत्या कांड के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करते डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
प्रोटेक्शन कानून, दोषी को कड़ी सजा दिलाने की मांग पर अड़े डॉक्टर
जानकारी के मुताबिक, SKMCH मेडिकल में जूनियर डॉक्टरों द्वारा बीते चार दिन से ओपीडी सेवा और अब दो दिन से आपातकालीन सेवा बंद किए जाने से परेशानी और भी बढ़ गई है। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि सरकार इस मामले में अगर अब जल्द से जल्द दोषियों पर कार्रवाई, डॉक्टर के लिए प्रोटेक्शन एक्ट लागू नहीं करती है तो हम अपनी मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी रखेंगे और अपनी मांग पर अड़े रहेंगे। इससे नीचे हम किसी बात पर नहीं मानेंगे। सरकार इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करे और हमें विश्वास दे ताकि हम सुरक्षित माहौल में काम करते हुए मरीज का इलाज कर सकें।
 
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इलाज कराने अस्पताल पहुंचे मरीज और उनके तीमारदार हो रहे परेशान - फोटो : अमर उजाला
इलाज न मिलने परेशान हो रहे मरीज
वहीं, अपना इलाज और परिजन का इलाज करवाने के आए हुए मरीजों के परिजनों ने कहा कि बीते तीन दिनों से हड़ताल के कारण परेशानी बढ़ गई है। मरीज अपने दुख को किसी को बता नहीं पा रहे हैं और न ही कोई इलाज हो रहा है। बच्चों के साथ गंभीर मरीजों की अब तो आपात्कालीन सेवा को बंद कर दिया गया है, जिसके कारण अब अधिकतर मरीज लौट कर निजी अस्पताल का सहारा ले रहे हैं। लेकिन गरीब मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। अगर हालात ठीक नहीं हुए तो मरीज की हालत और खराब होगी।
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