पूजा पंडाल का प्रवेश द्वार
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जानकारी के मुताबिक, अयोध्या की तर्ज पर पंडाल के अंदर भी सुसज्जित तरीके से राम मंदिर से जुड़े इतिहास को दर्शाया गया है। इसमें राम परिवार जिसमें हनुमान जी, प्रभु राम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और अलग-अलग कृतियां दर्शाई गई हैं। वहीं, इसके साथ ही साल 2019 में आज ही तारीख को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए हमले को याद करते हुए बैनर लगाए गए, जिसमें शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए जा रहे हैं। इन सब बातों को देखते हुए यह पंडाल अपने-आप में अनोखा है, जिसमें भक्ति और राष्ट्र भक्ति का एक साथ समावेश किया गया है।
दरअसल, शहर के मोतीझील में बने हुए बाबा गरीबनाथ सरस्वती पूजा समिति की ओर से की गई थी। इसको लेकर आयोजनकर्ता आदित्य कुमार ने बताया कि वह अपने पांच साथियों के साथ पूजा करते हैं। वह पिछले पांच साल से पूजा कर रहे हैं। इसके लिए वे लोग किसी से चंदा नहीं लेते हैं। आपस में ही पांच दोस्त मिलकर पूजा का आयोजन करते हैं। उनके साथी गौरव, अमरेश कुमार विपुल, राधे और विशाल भी व्यवसाय करते हैं।
उन्होंने बताया कि वे लोग पिछले पांच सालों से अलग-अलग तरीके से पंडाल की थीम बनाते हैं, जो आकर्षण का केंद्र बना रहता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बनाए गए पंडाल की जो थीम है उसके पीछे का मकसद बिल्कुल साफ है। वह यह कि विद्या की देवी मां सरस्वती के जरिए यहां आने वाले श्रद्धालुओं को राम मंदिर के इतिहास की जानकारी दी जा सके, इसी को दर्शाया गया है।