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Bihar: अयोध्या के तर्ज पर बना मां सरस्वती का पूजा पंडाल; दर्शाया गया राम मंदिर का इतिहास, शहीदों को श्रद्धा...

Wed, 14 Feb 2024 04:40 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर

सार

Bihar: अयोध्या के तर्ज पर बना मां सरस्वती का पूजा पंडाल; दर्शाया गया राम मंदिर का इतिहास, शहीदों को श्रद्धा...
Muzaffarpur: Maa Saraswati's puja pandal built like Ayodhya; History of Ram temple shown, homage to martyrs
 
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विद्या की देवी सरस्वती का पंडाल - फोटो : अमर उजाला
बसंत पंचमी के अवसर पर देश भर में आज बुधवार को विद्या की आराध्य देवी सरस्वती की पूजा श्रद्धा व भक्तिपूर्ण माहौल में की जा रही है। इसके लिए जगह-जगह पूजा के पंडाल को भव्य रूप दिया गया। मुजफ्फरपुर शहर के मोतीझील में एक अनोखा सरस्वती पूजा पंडाल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस पूजा पंडाल का अयोध्या के तर्ज पर निर्माण कराया गया है। उसके प्रवेश द्वार पर जय श्री राम लिखा हुआ है और धनुष बाण से बनाया गया है। पंडाल के अंदर प्रवेश द्वार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य सनातन गुरुओं की तस्वीर को भी लगाया गया है।
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पूजा पंडाल का प्रवेश द्वार - फोटो : अमर उजाला
जानकारी के मुताबिक, अयोध्या की तर्ज पर पंडाल के अंदर भी सुसज्जित तरीके से राम मंदिर से जुड़े इतिहास को दर्शाया गया है। इसमें राम परिवार जिसमें हनुमान जी, प्रभु राम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और अलग-अलग कृतियां दर्शाई गई हैं। वहीं, इसके साथ ही साल 2019 में आज ही तारीख को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए हमले को याद करते हुए बैनर लगाए गए, जिसमें शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए जा रहे हैं। इन सब बातों को देखते हुए यह पंडाल अपने-आप में अनोखा है, जिसमें भक्ति और राष्ट्र भक्ति का एक साथ समावेश किया गया है।


 
दरअसल, शहर के मोतीझील में बने हुए बाबा गरीबनाथ सरस्वती पूजा समिति की ओर से की गई थी। इसको लेकर आयोजनकर्ता आदित्य कुमार ने बताया कि वह अपने पांच साथियों के साथ पूजा करते हैं। वह पिछले पांच साल से पूजा कर रहे हैं। इसके लिए वे लोग किसी से चंदा नहीं लेते हैं। आपस में ही पांच दोस्त मिलकर पूजा का आयोजन करते हैं। उनके साथी गौरव, अमरेश कुमार विपुल, राधे और विशाल भी व्यवसाय करते हैं।

उन्होंने बताया कि वे लोग पिछले पांच सालों से अलग-अलग तरीके से पंडाल की थीम बनाते हैं, जो आकर्षण का केंद्र बना रहता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बनाए गए पंडाल की जो थीम है उसके पीछे का मकसद बिल्कुल साफ है। वह यह कि विद्या की देवी मां सरस्वती के जरिए यहां आने वाले श्रद्धालुओं को राम मंदिर के इतिहास की जानकारी दी जा सके, इसी को दर्शाया गया है।
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