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बाढ़ का कहर: पश्चिमी चंपारण में दो दर्जन गांवों के लोग फंसे, राहत और बचाव की आस... पर अधर में 600 परिवार

Mon, 30 Sep 2024 02:51 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पश्चिमी चंपारण

सार

बाढ़ का कहर: पश्चिमी चंपारण में दो दर्जन गांवों के लोग फंसे, राहत और बचाव की आस... पर अधर में 600 परिवार
Flood havoc: People of 2 dozen villages stranded in West Champaran, 600 families waiting for relief and rescue
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पश्चिमी चंपारण में बाढ़ की तबाही - फोटो : अमर उजाला
पश्चिमी चंपारण जिले के योगापट्टी और बैरिया प्रखंड के दियारा इलाके में अचानक आई बाढ़ ने तबाही मचा दी है। खुटवनिया जलरपुल, सिसवा मंगलपुर, नवलपुर, ढढ़वा, लौरिया, गौनाहा, चमुखा, और हरपुर मुजौना पंचायत के दो दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। लौरिया से नरकटियागंज मुख्य मार्ग पर बाढ़ का पानी बह रहा है, जिससे लौरिया और अनुमंडल मुख्यालय नरकटियागंज का संपर्क टूट गया है।
 
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पश्चिमी चंपारण में बाढ़ की तबाही - फोटो : अमर उजाला
जानकारी के मुताबिक, स्थानीय प्रशासन ने अब तक 300 से अधिक परिवारों को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से रेस्क्यू कर बाहर निकाला है, जबकि 600 के करीब लोग अभी भी फंसे हुए हैं। सिसवा और मंगलपुर सहित अन्य गांवों में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले 48 घंटों से उनके घरों के चूल्हे नहीं जले हैं और लोग बिना भोजन के घरों की छतों पर शरण ले रहे हैं।

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मदद के इंतजार में ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
तबाही मचा रही पहाड़ी नदियां
पंडयी और मनियारी नदियों ने नरकटियागंज क्षेत्र में तबाही मचाई है। इन नदियों का पानी छह गांवों के 45 से अधिक घरों में घुस चुका है, जिससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। लोग अपने घरों को छोड़कर ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं। पंडयी नदी का पानी नरकटियागंज-बलथर रोड के ऊपर से बह रहा है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित है।
 

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पश्चिमी चंपारण में बाढ़ की तबाही - फोटो : अमर उजाला
प्रशासनिक तैयारी और रेस्क्यू ऑपरेशन
अनुमंडल पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए दो एनडीआरएफ की टीमें भेजी गई हैं। देर रात तक सभी लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास जारी रहेगा। बाढ़ प्रभावितों को ऊंचे स्थानों पर स्थित स्कूलों में आश्रय दिया जाएगा। साथ ही कम्युनिटी किचन भी चलाई जाएगी, ताकि किसी को भूखा न रहना पड़े।
 
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गांव छोड़कर जाते लोग - फोटो : अमर उजाला
प्रशासन के प्रति ग्रामीणों में आक्रोश
गौनाहा प्रखंड के माधोपुर गांव में बाढ़ का पानी 20 घरों में घुस चुका है। वहां के निवासी प्रशासन की धीमी प्रतिक्रिया से नाराज हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके घरों में पांच से सात फीट पानी घुसा है और बच्चे भूख से तड़प रहे हैं। लोग अपने घरों के छप्परों पर बैठकर अपनी जान बचा रहे हैं। प्रशासन की ओर से अब तक खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है और मवेशियों के लिए भी चारा उपलब्ध नहीं है।
 
एसडीएम ने आश्वासन दिया है कि बाढ़ प्रभावितों के लिए सरकारी स्कूलों में आश्रय स्थल बनाए गए हैं और अन्य सुरक्षित स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को वहां पहुंचाया जा सके।

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