पानी के बीच महिला और उसकी बेटी
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सुदामा ने कहा कि अनाज, कपड़ा सब बर्बाद हो गया। बहुत परेशानी में हैं, अब तक कहीं से कोई मदद नहीं मिली। गांव के ही मो. उमर फारूक ने बताया कि न तो बाहर निकलने के लिए नाव की व्यवस्था है और न ही भोजन के लिए कहीं कोई कम्युनिटी किचन। प्रशासन को तुरंत नाव, सामुदायिक रसोई और मेडिकल की सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए। इसी तरह राजन कुमार ने कहा कि तटबंध के अंदर डुमरा से गोरपार जाने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह डूब गई है। घरों में मवेशी फंसे हुए हैं। अनाज सहित सभी सामान डूब चुके हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को तटबंध पर तो पहुंचा दिया है, लेकिन न तो बांस मिला है और न ही प्लास्टिक, जिससे तात्कालिक झोपड़ी खड़ी की जा सके।